जीवन सच में चालीस पर शुरू होता है। तब तक तो आप सिर्फ रिसर्च कर रहे होते हैं।
ज़िन्दगी के बारे में सबकुछ हास्यपद है।
सबसे शिक्षाप्रद अनुभव रोजमर्रा की जिंदगी के हैं।
जीवन का सबसे दुखद पहलू यह विज्ञान समाज की तुलना में ज्यादा तेजी से ज्ञान बटोरता है।
जीवन आनंद मानने के लिए है झेलने के लिए नहीं।
जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है।
सिर्फ मैं ही अपना जीवन बदल सकता हूँ। कोई और मेरे लिए यह नहीं कर सकता।
जीवन का क्या मूल्य है यह जानने के लिए कभी कभी आपको इसको जोखिम में डालना पड़ता है।
कभी कभी जीवन अकेले रहने के लिए मुश्किल होता है, और कभी कभी अकेले होना जीवन के लिए अच्छा होता है।
एक दिन तुम्हारा दिल धड़कना बंद कर देगा, और तुम्हारा कोई भी डर मायने नहीं रखेगा। जो मायने रखेगा वो सिर्फ यह कि तुम कैसे जिये।