राजनीति का नैतिकता से कोई सम्बन्ध नहीं है।
किसी व्यक्ति के अविवेक को तर्कसंगत ढंग से निर्देशित करना ही राजनीति है।
सरकार का पैसा लोगो का पैसा है, वे इस से लोगों के भले के लिए प्रभावी नीतियां बनाएं।
हम दिनों को याद नहीं करते बल्कि पलों को करते है।
राजनीति सम्भाव्य की कला नहीं है, बल्कि ये अमंगलकारी और अप्रिय के बीच का चुनाव है।
एक राजनीतिज्ञ होना, एक फुटबॉल कोच होने जैसा है, या तो आप इतने बुद्धिमान हों कि खेल को समझ सकें और इतने मूर्ख कि ये सोच पायें कि खेल महत्वपूर्ण है।
लोगों को उन मामलों में भाग लेने से रोकना, जो उनसे सीधे तौर पर सबंध रखते हैं, ही राजनीति है।
बहुमत की आवाज न्याय का द्योतक नही है।
मैं सिर्फ और सिर्फ एक चीज रहता हूँ और वो है एक जोकर, ये मुझे राजनीतिज्ञों की तुलना में कहीं ऊँचे स्थान पर स्थापित करता है।
अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं के अनुसार राजनीतिक मामलों में दोषसिद्धि हर नागरिक का कर्तव्य है।