कभी भी अपने से कम या ज्यादा हैसियत वालों से दोस्ती मत करो, ऐसी दोस्ती कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।
किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है।
एक वफ़ादार दोस्त दस हज़ार रिश्तेदारों से बेहतर है।
मित्र बनाने में धीमे रहिये और बदलने में और भी।
दोस्ती निस्संदेह, निराश प्रेम की कसक के लिए उत्तम मरहम है।
न कोई किसी का मित्र है और न कोई किसी का शत्रु। स्वार्थ से ही मित्र और शत्रु एक-दूसरे से बंधे हुए है।
सच्चे मित्र के तीन लक्षण हैं- अहित को रोकना, हित की रक्षा करना और विपत्ति में साथ नहीं छोड़ना|
दोस्त वह है, जो आपको अपनी तरह जीने की पूरी आजादी दे|
हे भगवान मेरी सहायता करो, क्योंकि एक दिन मेरे और मेरी बहन के बीच में कोई और व्यक्ति आ जाएगा।
मेरे दोस्त मुझमें घुलने-मिलने की समस्या बताते है, लेकिन वे सच में मुझे जानते ही नहीं।