मैं एक मजदूर हूँ, जिस दिन कुछ लिख न लूँ, उस दिन मुझे रोटी खाने का कोई हक नहीं।
अगर आप चाहते हैं कि किसी को मालूम न पड़े, तो ऐसा काम ही न करें।
बाज़ार के उतार-चढाव को अपना मित्र समझिये, दूसरों की मूर्खता से लाभ उठाइए, उसका हिस्सा मत बनिए।
मैं महान और अच्छे काम करना चाहती हूँ, लेकिन यह मेरा परम कर्त्तव्य है कि मैं छोटे कामों को भी ऐसे करूँ जैसे कि वो महान और नेक हों।
इकलौता तरीका महान कार्य करने का ये है कि आप कार्य से प्यार करें।
महान कार्य शक्ति से नहीं, अपितु उधम से सम्पन्न होते है।
सच्चा कार्य अहंकार और स्वार्थ को छोड़े बिना नहीं होता।
अच्छे कार्य करने के लिए कभी शुभ मुहूर्त मत पूछो।
जो मेहनत करने से शर्माता है, वह सदैव दूसरों के अधीन रहता है।
ईमानदारी और बुद्धिमानी के साथ किया हुआ काम कभी व्यर्थ नहीं जाता।