किसी काम को करने का अधिकार आप को है, पर इस बात का मतलब यह नहीं होता कि वह करना सही भी है।

स्वास्थ्य वह मूल तत्व है जो जीवन की सारी खुशियों को जीवंत बनाता है और स्वास्थ्य के बिना वे सभी नष्ट और नीरस होती हैं।

उस्ताद वह नहीं जो आरंभ करता है, बल्कि वह है जो पूर्ण करता है।

मुझे अपने आप को दूसरों की निगाहों से परखने की प्रवृत्ति छोड़ने में लंबा समय लग गया।

विद्या और अक्लमंदी को एक मानने की भूल न करें। पहली आपको जीविका अर्जन में मदद करती है; और दूसरी जीवन निर्माण में।

बच्चे आपको आपके दिये खिलौनो आदि के लिए नहीं, बल्कि आपकी उनके प्रति संजोई भावनाओं के लिए याद रखेंगे।

बालकों के जीवनपर्यंत स्वयं को शिक्षित करते रहने में सक्षम बनाना ही शिक्षा का ध्येय है।

गंभीर समस्याओं का आधी रात में समाधान करने की कोशिश न करें।

आस्तिक भावना और ईश्वर में विश्वास भारतीय संस्कृति का मुख्य अंग है।

समय सबसे कम पाया जाने वाला संसाधन है, और जब तक इसका अच्छा प्रबंधन नहीं किया जाता है, तो बाकी किसी चीज का प्रबंधन नहीं किया जा सकता है।