आलस्य जीवित मनुष्य की कब्र है।
शांतचित्तता तो पारे की तरह है। आप इसे पाने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, यह उतनी ही मुश्किल से हाथ आती है।
कितनी भयावह बात है कि हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी ही सरकार से संघर्ष करना पड़ता है।
अगर मैं प्रयत्न करना बन्द कर दूं तो मैं अपने आप को क्षमा नहीं कर पाऊंगा।
अपने विरोधियो से मित्रता कर लेना क्या विरोधियों को नष्ट करने के समान नहीं है।
चिंता रोग का मूल है।
प्रेरणा की चमक हमें तपिश देती है, यह एक पवित्र उत्साह है।
एक इच्छा ऊर्जा के बिना एक अभिलाषा है।
अपने दुश्मनों को क्षमा कर दो लेकिन उनके नाम कभी मत भूलो।
स्वाभिमानी और पवित्र हृदय व्यक्ति निर्धन होने पर भी श्रेष्ट गिना जाता है।