अपनी हालात का ख़ुद अहसास नहीं है मुझको;
मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूं मैं!
सिर्फ एक बार आओ दिल में, देखने मोहब्बत अपनी;
फिर लौटने का इरादा हम तुम पर छोड़ देंगे!
खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा;
वरना मुसाफिर खुद्दार हूँ, यूँ ही गुज़र जाऊँगा!
चलो माना की हमे प्यार का इजहार करना नहीं आता;
जज्बात न समझ सको इतने नादान तो तुम भी नही!
कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की;
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती!
लाखो की हंसी तुम्हारे नाम कर देंगे;
हर खुशी तुम पे कुर्बान कर देंगे;
आये अगर हमारे प्यार मे कोई कमी तो कह देना;
इस जिन्दगी को आखरी सलाम कह देंगे!
तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ;
तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ!
चुपचाप गुज़ार देगें तेरे बिना भी ये ज़िन्दगी;
लोगो को सिखा देगें मोहब्बत ऐसे भी होती है।
आजाद कर देंगे तुम्हें अपनी चाहत की कैद से;
मगर, वो शख्स तो लाओ जो हमसे ज्यादा कदर करे तुम्हारी!
कुछ ठोकरों के बाद, नज़ाक़त आ गई मुझ में;
मैं अब दिल के मशवरों पे, भरोसा नहीं करता!