सलामती खुदा से माँगते हैं उनकी;
जिन्होंने खुद उजाड़ा था मुझको।
मैं उसकी ज़िंदगी से चला जाऊं यह उसकी दुआ थी;
और उसकी हर दुआ पूरी हो, यह मेरी दुआ थी।
कभी आना हमारे साथ;
एक सपनों की दुनियां आपको बताएंगे;
रहना चाहोगे आप भी यहाँ;
ऐसी वो दुनियां हम दिखाएंगे।
मिसाल-ए-शीशा हैं हम, हमें संभाल कर रखना;
तेरे हाथ से छूटे तो बिखर जाएंगे।
उसके साथ जीने का इक मौका दे दे, ऐ खुदा;
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे।
अपने दिल की बात उनसे कह नहीं सकते;
ग़म जुदाई का भी सह नहीं सकते;
ऐ ख़ुदा, कुछ ऐसी तक़दीर बना;
वो खुद आकर हमसे कहें, हम आपके बिना रह नहीं सकते।
हक़ से दे तो "नफरत" भी सर आंखों पर।
खैरात में तो तेरी "मोहब्बत" भी मंजूर नहीं।
दिल तो कहता है कि छोड़ जाऊं ये दुनियां हमेशा के लिए;
फिर ख्याल आता है कि वो नफरत किस से करेंगे मेरे चले जाने के बाद।
तुम मेरी बातों का जवाब नहीं देते तो कोई बात नहीं;
मेरी क़ब्र पर जब आओगे तो हम भी ऐसा ही करेंगे।
कभी यूँ भी हो कि बाज़ी पलट जाए सारी;
उसे याद सताए मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं।