तु ही मिल जाये मुझे बस इतना ही काफी है;
मेरी हर सांस ने बस ये ही दुआ मांगी है;
जाने क्यों दिल खींचा चला जाता है तेरी तरफ;
क्या तुम ने भी मुझे पाने की दुआ मांगी है।
सब खुशियाँ तेरे नाम कर जायेंगे;
ज़िंदगी भी तुझपे कुर्बान कर जायेंगे;
तुम रोया करोगे हमें याद करके;
हम तेरे दामन में इतना प्यार भर जायेंगे।
मैं उसके हाथों का खिलौना ही सही;
कुछ देर के लिए ही सही उसने मुझे चाहा तो है।
तु रहेगा न तेरे सितम रहेंगे बाकी;
दिन तो आना है किसी रोज़ हिसाबों वाला।
आपसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है;
कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है;
था आपके मनाने का अंदाज़ ऐसा;
कि फिर रूठ जाने को दिल चाहता है।
शायद फिर से वो तक़दीर मिल जाए;
जीवन के वो हसीन पल मिल जाए;
चल फिर से बैठे क्लास की लास्ट बैंच पर;
शायद वापिस वो पुराने दोस्त मिल जाए।
राह मुश्किल हैं मगर दिल को आमदा तो करो;
साथ चलने का मेरे तुम इरादा तो करो;
दिल बहलता है मेरा तेरे वादों से;
वादा ना करो कम से कम इरादा करो।
बिना मकसद बहुत मुश्किल है जीना;
खुदा! आबाद रखना दुश्मनों को मेरे।
बिकता अगर प्यार तो कौन नहीं खरीदता;
बिकती अगर खुशियां तो कौन उसे बेचता;
दर्द अगर बिकता तो हम आपसे खरीद लेते;
और आपकी खुशियों के लिए हम खुद को बेच देते।
अगर इंसान मिल जाए मुकम्मल;
तो सर पत्थर के आगे क्यूँ झुकाऊँ।