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'पीकू' के बाद, इरफ़ान के बारे में मेरी सोच बदल गई है: दीपिका

'पीकू' के बाद, इरफ़ान के बारे में मेरी सोच बदल गई है: दीपिका
कल रिलीज होने जा रही सुजीत सरकार की फिल्म 'पीकू' में दीपिका पादुकोण और इरफ़ान खान ने पहली बार एक साथ काम किया है। इस फिल्म के बाद दीपिका का कहना है कि उनकी सोच इरफ़ान के बारे में काफी बदल गई है।

दीपिका ने इरफ़ान के बारे में क्या जाना और क्या महसूस किया इसी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उनसे पहली बार इसी फिल्म के सेट पर मिली। यह फिल्म रिश्तों को जानने और समझने पर आधारित है और हमने भी यहाँ शूटिंग के दौरान एक दूसरे के बारे में जाना। यह मेरे लिए एक ऐसे अनुभवों में से एक था जब मैं वैसा ही अभिनय कर रही थी जैसे मैं खुद जीती हूँ।"

मुझे लगा इरफ़ान एक गंभीर अभिनेता हैं, एक गंभीर इंसान हैं और उनसे जुडी हर चीज बेहद गंभीर होगी। यह मीडिया की सोच की देन थी। मुझे लगा वह बेहद शख्त मिजाज होंगे और वह मुझसे बात करना तो दूर मेरी तरफ देखेंगे भी नहीं। क्योंकि मैं एक कमर्शियल अभिनेत्री हूँ।लेकिन वहां जो हुआ वह इस सोच के बिलकुल विपरीत था।"

दीपिका इस बात को भी स्वीकार करती हैं कि वह इस फिल्म के बाद से इरफ़ान के सेन्स ऑफ़ ह्यूमर की फैन हो गई हैं। वह बेहद मजाकिया हैं।हम दोनों के बीच भी बहुत समानताएं हैं। वह भी बहुत शर्मीले हैं। वह बाते बहुत कम करते हैं लेकिन जब भी वह बोलते हैं वह बहुत ही फनी होता है। मुझे लगता है कि उनकी कॉमिक टाइमिंग बेहद सटीक और अच्छी है। उनकी प्रतिभा के लिए कोई भी शब्द चुन लो वह अन्याय ही होगा, उनके टेलेंट को परिभाषित नहीं किया जा सकता।"

फिल्म में दीपिका ने पीकू बनर्जी का किरदार निभाया है, जो दिल्ली में रहने वाली एक स्वतंत्र कामकाजी महिला है। अमिताभ बच्चन जो भास्कर बनर्जी की भूमिका में हैं वह पीकू बनर्जी के पिता हैं। दीपिका फिल्म के सेट पर झिझक न महसूस करने और अपना काम आसानी से करने का क्रेडिट बिग बी और इरफ़ान को देती हैं। वहीं इसका उदाहरण उन्होंने शाहरुख का नाम लेकर दिया।

​​ दीपिका ने कहा, "मुझे फिल्म के लिए बेहद सहज महसूस करा कर बिग बी और इरफ़ान खान ने फिल्म में एक बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह बिलकुल वैसे ही था जैसे 'ओम शांति ओम' के दौरान शाहरुख़ खान ने मुझे सहज महसूस कराया था। मैंने डरा हुआ सा कभी भी महसूस नहीं किया। वह जिसके साथ भी होते हैं उसके साथ बहुत ही सहज होते हैं।"

दीपिका कहती हैं कि उनके लिए इस फिल्म में काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण था और यह एक नया अनुभव भी था। उन्होंने कहा, "पीकू बेहद चुनौतीपूर्ण चरित्र था, क्योंकि पीकू एक अराजक चरित्र था। वह बहुत सारे काम एक साथ करने की कोशिश करती है और मुझे उसी के साथ डायलॉग्स भी बोलने थे। यह मैंने पहले कभी अनुभव नहीं किया था। यह एक थियेटर के जैसा अनुभव था।

उन्होंने कहा, "इस फिल्म की शूटिंग का अनुभव बेहद शांतिपूर्ण था जिसके पूरा होने बाद हमें लग रहा था कि कब ऐसा मौका आएगा जब हम सभी फिर से एक साथ इकठ्ठा होंगे। हमें पता है कि हम सभी एक दूसरे को बहुत याद करेंगे। यह हद से ज्यादा खुशनुमा शूटिंग थी

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