चार दशकों से मनोरंजन जगत में काम कर रहे और फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए सराहे जाने वाले विश्वविख्यात भारतीय अभिनेता अमिताभ बच्चन का मानना है कि एक मशहूर हस्ती के लिए सबसे कठिन दौर वह होता है, जब वह अपने ओहदे से नीचे आता है।
अमिताभ ने अपने ब्लॉग में लिखा, "एक मशहूर हस्ती भी किसी चैंपियन के जैसा ही होता है.. यह एक मशहूर व्यक्ति के लिए सबसे कठिन दौर होता है, जब उसके पास से प्रशंसा, सराहना, दर्शकों का स्नेह, लगाव सब छिन जाता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "आपको किसी बैल सा ताकतवर, गैंडे जैसी मोटी चमड़ी और सिंह की दहाड़ वाला इंसान बनना पड़ता है, ताकि समय के साथ आने वाली परिस्थितियों को समझ सकें और उनका सामना कर सकें। अवन्नति के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है। इसे पूरी गरिमा और सम्मान के साथ स्वीकार करना होता है।"
अमिताभ ने ये बातें विंबलडन के पुरुष एकल में स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी रोजर फेडरर को सर्बिया के टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच हाथों मिली हार के बाद लिखी। उन्होंने लिखा कि हर मशहूर हस्ती के जीवन में ऐसी परिस्थितियां आती हैं। उन्होंने लिखा, "जोकोविच और फेडरर के बीच शानदार मैच हुआ। टेनिस के दोनों उस्ताद, दिग्गज और महान खिलाड़ी पूरे जी जान से खेले।"
विंबलडन में भारत की सानिया मिर्जा ने महिला डबल का, लिएंडर पेस ने मिक्स डबल्स का और सुमित नागल ने जूनियर डबल का खिताब जीता।
अवनति शोहरत का सबसे कठिन दौर : अमिताभ
Wednesday, July 15, 2015 11:30 IST


