स्वरा भास्कर ने संविधान के विवादास्पद अनुच्छेद 377 को `शर्मनाक` एवं `दुखद` बताया है। स्वरा ने इस अनुच्छेद को आडे हाथों लेते हुए एलजीबीटी समुदाय के प्रति समर्थन दिखाया।अभिनेत्री ने कहा, `यह शर्मनाक है कि हमारे जैसे लोकतंत्र में अनुच्छेद 377 जैसे कानून हैं, जो एक ऐसे समुदाय को अपराधी मानता है जो देश व हमारा हिस्सा है।` वह `टाइमआउट` फिल्म को लेकर समलैंगिकता विषय पर हुई परिचर्चा के पैनल में शामिल थीं। यह फिल्म समलैंगिकता विषय पर आधारित है। स्वरा ने कहा, `यह बहुत जरूरी है कि कानून में बदलाव हो। समलैंगिकता या अप्राकृतिक सेक्स को अपराध मानने वाले कानून का होना ठीक नहीं है।`
उन्होंने यह भी कहा कि विषमलिंगी या समलैंगिक होना व्यक्ति की अपनी पसंद है। स्वरा ने कहा, `यह पूरी तरह से सामान्य एवं नैसर्गिक है। इसमें कोई बडी बात नहीं है। सभी देशों विशेषकर भारत के लोकतांत्रिक देश होने के चलते प्रत्येक व्यक्ति को मनचाहे तरीके से स्वयं को जाहिर करने का अधिकार है।` आपको बता दें कि स्वरा `तनु वेड्स मनु` और `रांझणा` जैसी फिल्मों में काम किया हैं।
स्वरा ने अनुच्छेद 377 को 'दुखद' बताया
Tuesday, September 22, 2015 16:30 IST


