निर्देशक: जो रूसो, ग्रेग येटेन्स, न्यूटन थॉमस सिगेल
रेटिंग: ***
अपने पहले सीज़न के मिले-जुले रिस्पॉन्स के तीन साल बाद, सिटाडेल सीज़न 2 का प्रीमियर 6 मई, 2026 को प्राइम वीडियो पर हुआ। पहले सीज़न की हर हफ़्ते एक एपिसोड रिलीज़ करने की रणनीति से बिल्कुल अलग हटते हुए, इस बार स्ट्रीमर ने सभी सात एपिसोड एक साथ रिलीज़ कर दिए, जिसका मकसद दर्शकों को एक ज़बरदस्त 'बिंग-वॉच' (लगातार देखने का) अनुभव देना था।
मुख्य रूप से जो रूसो और ग्रेग येटेन्स द्वारा निर्देशित, यह सीज़न अपने "याददाश्त खो चुके जासूस" वाले कॉन्सेप्ट को एक ज़्यादा सुसंगत, हालाँकि अब भी काफ़ी शानदार, जासूसी थ्रिलर के रूप में पेश करने की कोशिश करता है।
कहानी और स्क्रिप्ट
कहानी की शुरुआत सिटाडेल एजेंसी के पूरी तरह तबाह हो जाने के बाद होती है। बर्नार्ड ऑर्लिक (स्टेनली टुची) को एक बेरहम नए विलेन, पाओलो ब्रागा (गेब्रियल लियोन) द्वारा किडनैप कर लिया जाता है। पाओलो का इरादा बर्नार्ड का इस्तेमाल करके एक ऐसी "माइंड-कंट्रोल चिप" को अंतिम रूप देना है, जो दुनिया भर के नेताओं को 'स्लीपर किलर' (छिपे हुए हत्यारों) में बदल सकती है।
डेविड वेल और डेविड जे. रोसेन द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट इस बार ज़्यादा फोकस्ड लगती है। यह बड़ी चालाकी से पूरे "सिटाडेल ब्रह्मांड" को कहानी में पिरोती है, जिसमें भारतीय प्रीक्वल 'हनी बनी' और इटैलियन सीरीज़ 'डायना' की घटनाओं का भी ज़िक्र किया गया है। हालाँकि यह अब भी कुछ सुविधाजनक गैजेट्स और अचानक आने वाले ट्विस्ट पर निर्भर करती है, लेकिन इसका मुख्य टकराव—G8 समिट में होने वाली एक वैश्विक हत्या को रोकना—इस सीज़न में एक बेहद ज़रूरी और रोमांचक 'टाइम-बाउंड' (समय की कमी वाला) तनाव पैदा करता है।
निर्देशन और पटकथा
जो रूसो इस सीरीज़ में अपने जाने-पहचानेएमसीयू-स्टाइल वाले यूनिवर्स-बिल्डिंग को लेकर आए हैं। पटकथा तेज़ रफ़्तार वाली है, जिसमें एपिसोड 36 से 49 मिनट के बीच के हैं। निर्देशन यूरोप में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय "ग्रीनपीस गाला" और रोम में सीआईए की ज़बरदस्त घुसपैठ के बीच सफलतापूर्वक संतुलन बनाता है। हालाँकि, "धोखेबाज़ी" की इतनी ज़्यादा भरमार कभी-कभी दर्शकों को हैरान करने के बजाय थका हुआ महसूस करा सकती है।
अभिनय
प्रियंका चोपड़ा जोनास: नादिया सिंह के रूप में, प्रियंका सबसे अलग और बेहतरीन हैं। यह सीज़न उन्हें एक माँ (10 साल की आशा की माँ) होने के भावनात्मक पहलू को समझने का मौका देता है, साथ ही वह एक बेहतरीन किलिंग मशीन भी बनी रहती हैं। हिंदी गाने "आ चल के तुझे" वाला एक सीन आलोचकों द्वारा इस सीरीज़ का एकमात्र सचमुच दिल को छू लेने वाला पल बताया जा रहा है।
स्टेनली टुची: टुची इस शो के एमवीपी (सबसे बेहतरीन कलाकार) हैं। चाहे वह अपना सूखा-सूखा मज़ाकिया अंदाज़ दिखा रहे हों या हैरान करने वाले असरदार एक्शन मूव्स, उनके किरदार बर्नार्ड ऑर्लिक को देखना सबसे दिलचस्प अनुभव रहता है।
रिचर्ड मैडेन: मेसन केन के रूप में, मैडेन एक "कमज़ोर और नासमझ" हीरो का किरदार निभाना जारी रखते हैं। हालाँकि उनका शारीरिक अभिनय मज़बूत है, लेकिन आलोचकों ने पाया है कि उनके आस-पास चल रहे बड़े दांव वाले ड्रामे की तुलना में उनका किरदार थोड़ा "रोबोटिक" (भावनाहीन) लगता है।
नए कलाकार: जैक रेनर (हच के रूप में) और मैट बेरी (फ्रैंक के रूप में) इस गंभीर और सख़्त कहानी में बहुत ज़रूरी नज़ाकत और हल्कापन लाते हैं।
संगीत और तकनीकी कला
संगीत: जेफ़ रूसो का बैकग्राउंड स्कोर सिनेमाई और तनावपूर्ण है, जो तेज़ रफ़्तार वाले एक्शन दृश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाता है।
प्रोडक्शन डिज़ाइन: लगभग $300 मिलियन के बजट के साथ, यह शो देखने में बेदाग लगता है। सिनेमैटोग्राफ़ी यूरोपीय जगहों को एक ग्लैमरस, A-ग्रेड फ़िनिश के साथ दिखाती है।
एक्शन: आमने-सामने की लड़ाई की कोरियोग्राफ़ी इस शो की एक मुख्य विशेषता बनी हुई है—यह बहुत ही शानदार, क्रूर और खूबसूरती से फ़िल्माई गई है।
अंतिम फैसला
सिटाडेल का दूसरा सीज़न पहले सीज़न से काफ़ी बेहतर है; इसमें कुछ उलझी हुई, आगे-पीछे चलने वाली टाइमलाइन्स को हटाकर एक ज़्यादा सीधी और दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाले मिशन पर फ़ोकस किया गया है। यह अभी भी जासूसी की सबसे बड़ी कहानियों जैसा "जादू" तो नहीं जगा पाता—क्योंकि यह ज़रूरत से ज़्यादा चमकीला और गैजेट्स पर निर्भर है—लेकिन एक्शन पसंद करने वालों के लिए यह एक बेहद मनोरंजक और देखने में शानदार अनुभव है।
आलोचक का बयान: “प्रियंका चोपड़ा जोनास और स्टेनली टुची एक ऐसी दुनिया को बचाते हैं जो अभी भी थोड़ी-बहुत किसी वीडियो गेम जैसी लगती है। यह पहले से ज़्यादा बड़ा, तेज़ और स्मार्ट है, भले ही इसे अभी तक अपनी असली 'आत्मा' न मिली हो।”


