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नायक-नायिका का सिद्धांत ज्यादा नहीं चलता : विशाखा

नायक-नायिका का सिद्धांत ज्यादा नहीं चलता : विशाखा
अभिनेत्री विशाखा सिंह मानती हैं कि यह दौर अच्छी कहानी वाली फिल्मों का है और ऐसे में बॉक्स आॉफिस पर नायक-नायिका के इर्द-गिर्द घूमने वाली घिसी पिटी फिल्मों को ज्यादा सफलता नहीं मिलती।

'फुकरे' और 'अंकुर अरोड़ा मर्डर केस' में काम कर चुकीं विशाखा ने कहा, "नायक-नायिका का सिद्धांत ज्यादा देर काम नहीं करता। सिर्फ सामूहिक कार्य और अच्छी कहानी काम करती है और मेरी समझ ऐसी ही है।"

उनकी पिछली फिल्मों में ढेर सारे कलाकार थे और उनकी अगली फिल्म 'बजाते रहो' में भी तुषार कपूर, रणवीर शौरी, रवि किशन, विनय पाठक और डॉली आहलुवालिया जैसे कई कलाकार हैं।

'बजाते रहो' हास्य प्रधान रोमांचक फिल्म हैं और विशाखा इस बात से खुश हैं कि उन्होंने हास्य भूमिका की है।

आशुतोष गोवारीकर की 'खेलें हम जी जान से' फिल्म में अभिनय कर चुकीं विशाखा ने कहा, "मैं खुश हूं क्योंकि अब तक मैंने सिर्फ गम्भीर भूमिकाएं की हैं। लेकिन 'बजाते रहो' में मेरे हास्य दृश्य हैं। यह बेहद मजेदार किरदार है। वह एक साहसी सिखनी (सिख महिला) है।"

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