Hindi Movie Reviews



भंगड़ा पा ले रिव्यु: सनी - रुक्षार के कन्धों पर टिकी है स्नेहा तौरानी की फिल्म

भंगड़ा पा ले में आपको बढ़िया परफॉरमेंसेस देखने को मिलेंगी और फिल्म का दमदार म्यूज़िक भी आनंदमय है लेकिन इसकी कहानी इसे एक साधारण बॉलीवुड डांस फिल्म...

Saturday, January 04, 2020
दबंग 3 रिव्यु: सलमान खान का 'वन मैन शो' है प्रभु देवा की फिल्म

चुलबुल पांडे, एक खतरनाक और बर्बर विलन, मुसीबत में फंसी हिरोइन, भारी भरकम पर वन-लाइनर्स और सलमान का शर्टलेस क्लाइमैक्स फाइट सीन. तो अगर आप सलमान खान के ज़बरदस्त फैन हैं तो बिना सोचे जाइए ये फिल्म आपको पसंद आएगी...

Saturday, December 21, 2019
‘द बॉडी’ रिव्यु: कमज़ोर है द बॉडी की ‘बॉडी’ (कहानी)

द बॉडी में इमरान हाशमी, ऋषि कपूर और सोभिता धूलिपाला ने अच्छी परफॉरमेंस दी है. फिल्म में कई रोमांचक और मनोरंजक पल है. मगर इसकी कहानी कमजोर है और अगर आप अक्सर होर्रो फ़िल्में देखते हैं...

Saturday, December 14, 2019
मर्दानी 2 रिव्यु: प्रभावित करती है सस्पेंस और थ्रिल से भरी रानी की फिल्म

'मर्दानी 2' सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर है जिसे रानी मुख़र्जी और विशाल जेठवा ने अपनी मज़बूत परफॉरमेंस से अपने कन्धों पर उठा रखा है. शुरुआत से ही फिल्म आपकी आंखों को स्क्रीन पर टिका कर रखती है...

Saturday, December 14, 2019
पानीपत रिव्यु: नहीं चला आशुतोष गोवारिकर का जादू

आशुतोष गोवारिकर की पानीपत की कोशिश एक ऐतिहासिक गाथा बनने की थी, लेकिन कोशिश कामयाब नहीं हुई है और फिल्म डाक्यूमेंट्री सी बन कर रह जाती है...

Saturday, December 07, 2019
कमांडो 3 रिव्यु: शानदार एक्शन मगर बेहद कमज़ोर कहानी

कमांडो 3 में आपको शुरू से लेकर अंत तक ज़बरदस्त एक्शन और थ्रिल मिलेगा जो की तारीफ के काबिल है मगर इस एक्शन को सहारा देने के लिए एक मजबूत स्टोरीलाइन फिल्म से गायब है...

Saturday, November 30, 2019
पागलपंती रिव्यु: इरादा था कॉमेडी करने का मगर किया निराश

पागलपंती का इरादा था कॉमेडी करने का, लेकिन निर्देशक अनीस बज़्मी की ये फिल्म सिर्फ एक काम करने में सफल दिखती है वो है 'दर्शकों को निराश'. पागलपंती में आपके सामने स्क्रीन पर कुछ पात्र आते हैं...

Saturday, November 23, 2019
मरजावां रिव्यु: हास्यात्मक डायलॉग्स से भरी 80 के दशक की घिसी पिटी कहानी

मरजावां अपने ट्रेलर पर पूरी तरह से खरी उतरती है. निर्देशक मिलाप ज़वेरी की 2 घंटे और 15 मिनट की लंबी फिल्म हद से ज्यादा ड्रामा और हास्यात्मक डायलॉग्स से भरी एक खोखली फिल्म लगती है...

Saturday, November 16, 2019
मोतीचूर - चकनाचूर रिव्यु: कॉमेडी बनना चाहती है ये फिल्म!

मोतीचूर चकनाचूर आपको हंसाती है मगर ज्यादा देर नहीं. फिल्म की कहानी को खींच कर व्यर्थ में लम्बा बना दिया गया है जो इसे नीरस बना देता है...

Saturday, November 16, 2019
उजड़ा चमन रिव्यु: बढ़िया शुरुआत के बाद ठंडी पड़ जाती है फिल्म

30 साल का चमन कोहली (सनी सिंह) दिल्ली के हंसराज कॉलेज में हिंदी का लेक्चरर है. चमन के बढ़ते गंजेपन और गिरते बालों कि वजह से कॉलेज में उसके स्टूडेंट्स उसका हर समय...

Saturday, November 02, 2019
सांड की आँख रिव्यु: तुषार हीरानंदानी का तीर सटीक निशाने पर

भूमि पेड्नेकर और तापसी पन्नू को 'सांड की आँख' में 60 साल की औरतों के किरदार निभाने और निर्माताओं को यह रोल उस उम्र की अभिनेत्रियों को न देने के लिए काफी खरी खोटी सुन्नी पड़ी थी...

Saturday, October 26, 2019
मेड इन चाइना रिव्यु: चाइना के माल की तरह है फिल्म, ज्यादा देर नहीं टिकती

एक चाइनीज़ जेनरल की एक कप चाइनीज़ मैजिक सूप पीने के बाद मौत हो जाती है, जांचकर्ताओं को लगता है की मौत सूप के स्पेशल इनग्रीडीएँट के कारण हुई है...

Saturday, October 26, 2019

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