यहां 3 मिनट 35 सेकंड के ट्रेलर का पूरा ब्यौरा दिया गया है, जिसे देखकर आज पूरा देश "जय हिंद" के नारे लगा रहा है!
दशक का डायलॉग 🗣️
ट्रेलर एक ऐसी लाइन के साथ खत्म होता है जो अगले 20 सालों तक सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में बजने वाली है। सनी देओल (लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर का किरदार निभाते हुए) एक पाकिस्तानी ऑफिसर को चेतावनी देने के लिए फोन उठाते हैं:
"हमें क्या हराओगे? अरे तुम्हारे पाकिस्तान में उतने लोग नहीं, जितने हमारे यहां ईद पर बकरे काटे जाते हैं!"
असर: यह डायलॉग दुनिया भर में #1 पर ट्रेंड कर रहा है, और मीम्स और रील्स पहले ही इंटरनेट पर छा गए हैं।
नई बटालियन: हवा, ज़मीन और समुद्र 🇮🇳
पहली फ़िल्म के उलट, जो ज़्यादातर आर्मी पर फ़ोकस थी, बॉर्डर 2 (अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित) तीनों सेनाओं को एक साथ लाती है:
आर्मी (वरुण धवन): मेजर होशियार सिंह दहिया का किरदार निभाते हुए, वरुण ने ज़बरदस्त, दमदार परफ़ॉर्मेंस और एकदम सही हरियाणवी लहजे से सबको चौंका दिया है। उनका डायलॉग "पूजा भले ही राम जी की करें, लेकिन तेवर परशुराम के रखते हैं" सबसे अलग है।
एयर फ़ोर्स (दिलजीत दोसांझ): फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मल जीत सिंह सेखों के रूप में, दिलजीत आसमान पर राज करते हैं। उनके डॉगफ़ाइट सीक्वेंस में वीएफएक्स टीज़र से काफ़ी बेहतर दिखते हैं।
नेवी (अहान शेट्टी): अहान (लेफ्टिनेंट कमांडर एम.एस. रावत) ने नौसेना युद्ध के दृश्यों में एक शांत गंभीरता दिखाई है, जिससे साबित होता है कि वह बड़ी लीग में जगह बनाने के लायक हैं।
सनी देओल: द एंकर ⚓
युवा कलाकारों के बावजूद, ट्रेलर यह साफ़ करता है: यह सनी देओल की फ़िल्म है।
दहाड़: चाहे वह अपने सैनिकों से "है वो हिम्मत?" चिल्ला रहे हों या धमाकों के बीच शान से खड़े हों, वह 1997 की तरह ही रोंगटे खड़े कर देते हैं।
विरासत: बैकग्राउंड स्कोर में "संदेशे आते हैं" का ज़बरदस्त ऑर्केस्ट्रल वर्ज़न है, जो यह पक्का करता है कि आपको हर फ़्रेम में पुरानी यादें ताज़ा हों।
भावनात्मक पहलू 💔
यह सिर्फ़ युद्ध नहीं है; यह पर्सनल है। ट्रेलर में पीछे रह गए परिवारों की झलकियाँ दिखाई गई हैं:
मोना सिंह (सनी की पत्नी), सोनम बाजवा (दिलजीत की पत्नी), मेधा राणा (वरुण की पत्नी), और अन्या सिंह (अहान की पत्नी) फिल्म को इमोशनल टच देती हैं।
सांताबंता का फैसला: लाउड? हाँ। देशभक्ति वाली? बिल्कुल। असरदार? 100%। बॉर्डर 2 कोई बारीकियों वाला वॉर ड्रामा बनने की कोशिश नहीं कर रही है; यह भारतीय वीरता का एक बड़ा सेलिब्रेशन है। 23 जनवरी का इंतज़ार नहीं हो रहा!


