'समलैंगिकता' पर फिल्म बनाना चुनौतीपूर्ण : सलमा

'समलैंगिकता' पर फिल्म बनाना चुनौतीपूर्ण : सलमा
गुजरे जमाने की अभिनेत्री और गायिका सलमा आगा का मानना है कि 'दोस्ताना' जैसी कॉमेडी फिल्में बनाना आसान है, लेकिन समलैंगिकता जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर फिल्म बनाना चुनौतीपूर्ण कार्य है।

सलमा ने 'दिल के अरमां' और 'फिजा भी है जवां जवां' जैसे गीतों को आवाज भी दी है। उन्होंने भारत-नार्वे की साझेदारी से बनी एक फिल्म के लिए 'डुनो वाई 2 लाइफ इस ए मूमेंट' गाना गाया है।

संगीत पर चली बातचीत के दौरान सलमा ने कहा, "हर कोई 'दोस्ताना' जैसी कॉमेडी फिल्म बना सकता है। अगर आप किसी विषय पर गंभीर फिल्म बनाना चाहते हैं तो वह सबसे मुश्किल काम है।"

उन्होंने कहा, "ऐसे संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाना कलाकार और निर्देशक दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है। आपको एक बेहतरीन निर्देशक होना जरूरी है।"

सलमा फिल्मों में गीतों को लेकर काफी मनमौजी और इस फिल्म में गाना गाने के लिए वह एक ही शर्त पर राजी हुई कि गाने का संगीत और बोल उनके जहन को छूने चाहिए।

फिल्म में उनके गीत के बारे में उन्होंने कहा कि यह गीत एक सूफी गजल है, 'ऐसा हसीं हुआ है, इश्क अहसास में, तेरे होने की आस में' और जब उन्होंने यह गाना सुना तो उन्हें लगा कि इसने उनकी अंतर्रात्मा को छुआ।

सलमा ने बॉलीवुड में आखिरी बार साल 1994 में गाना गाया था और उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और बच्चों की शिक्षा के लिए फिल्म जगत से इतने लंबे समय तक दूर रहीं।

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