खाने को धर्म से क्यों जोड़ा जाए : ऋषि कपूर

खाने को धर्म से क्यों जोड़ा जाए : ऋषि कपूर
मांस की ब्रिकी पर प्रतिबंध के बाद विभिन्न प्रतिक्रियाओं की गहमा-गहमी के बीच प्रख्यात अभिनेता ऋषि कपूर भी इस पर अपना ट्वीट कर विवाद में फंस गए हैं। धार्मिक अंधविश्वास की बात हो या मांस पर प्रतिबंध की बात, सभी संवेनशील मुद्दों पर ऋषि बेबाकी से अपनी राय रखते हैं। उनका कहना है कि अपने विचार व्यक्त करने से वह हिंदू विरोधी नहीं हो जाएंगे।

महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले मई में गोमांस पर प्रतिबंध लगाया था। ऋषि कपूर खुद को 'गोमांस खाने वाला हिंदू' बताते हुए ट्विट कर विवाद में फंस गए थे।

ऋषि की ट्विटर पर एक व्यक्ति से बहस शुरू हो गई है। उसने लिखा, `ऋषि जैसे मूर्ख गोमांस खाते हैं, घर में एक छोटा चर्च रखते हैं और फिर खुद को हिंदू कहते हैं और हिंदू संतों पर टिप्पणी करते हैं। सोचिए..।`

ऋषि ने जवाब में लिखा, `मैं क्या खाता हूं, क्या पीता हूं या किसकी पूजा करता हूं, इससे किसी को क्या मतलब।`

ऋषि ने साथ ही लिखा, `यह धारणा है कि मैं हिंदू विरोधी हूं। यह बेहद दुखद है। मैं दिन में दो बार पूजा करने वाला हिंदू हूं, लेकिन अन्य धर्मो की भी इज्जत करता हूं।`

ऋषि ने यह भी लिखा, `मैं क्रोधित हूं। खाने को धर्म से क्यों जोड़ा जाता है? मैं गोमांस खाने वाला हिंदू हूं। क्या इससे यह साबित होता है कि मैं मांस न खाने वालों की तुलना में ईश्वर से कम डरता हूं? सोचिए।`

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