अपशब्दों से भरी 'यारा सिली सिली' की कहानी

अपशब्दों से भरी 'यारा सिली सिली' की कहानी
निर्देशक सुभाष सहगल इस बात से काफी खुश हैं कि उन्हें अपनी आगामी फिल्म 'यारा सिली सिली' के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से नहीं भिड़ना पड़ा। सुभाष 15 साल बाद निर्देशन में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में इस्तेमाल होने वाली गाली-गलौच फिल्म में जरूरी थी।

सुभाष ने अपने बयान में कहा, 'फिल्म की कहानी रेड लाइट एरिया और यौनकर्मी के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी आम भाषा को इस्तेमाल किए बिना फिल्म बनाना संभव नहीं था। हम आशंकित थे कि सेंसर बोर्ड इस पर कैसी प्रतिक्रिया देगा?' उन्होंने कहा कि उनकी सोच के विपरीत पैनल ने इसे स्वीकार किया और उन्होंने बिना किसी कट के फिल्म को मंजूरी देने की जरूरत को समझा।

इस फिल्म को रीना भूषण और नीना सुभाष सहगल द्वारा बैनर मूवी ड्रीम्स के तहत पेश किया जा रहा है। फिल्म में परमब्रत चटर्जी और पाउली दाम मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म सिनेमाघरों में 30 अक्टूबर को प्रदर्शित होगी।

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