जाने माने अभिनेता और भाजपा सांसद परेश रावल का कहना है कि किसी फिल्म के प्रदर्शन में बाधा डालना अनैतिक है, क्योंकि इसमें फिल्म निर्माण के दौरान हुई कठिन मेहनत को नजरअंदाज किया जाता है।
परेश की यह टिप्पणी बॉलीवुड की बड़े बजट की फिल्मों 'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' की रिलीज को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। परेश ने ट्विटर पर लिखा, "किसी फिल्म का निर्माण केवल एक व्यक्ति नहीं, सैकड़ों लोग साथ मिलकर करते हैं, इसलिए उसके प्रदर्शन में बाधा डालना अनैतिक है।"
गौरतलब है कि शुक्रवार को दोनों फिल्मों की रिलीज का अलग-अलग कारणों से विरोध किया गया था। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी 'बाजीराव मस्तानी' का विरोध उन लोगों ने किया, जिनका कहना था कि फिल्म में पेशवा काल के ऐतिहासिक तथ्यों को गलत रूप में पेश किया गया है।
जबकि शाहरुख खान के धार्मिक असहिष्णुता संबंधित बयान के कारण बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी फिल्म 'दिलवाले' के विरोध में नारे लगाए और फिल्म प्रदर्शन का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन को गैरलोकतांत्रिक करार देते हुए परेश ने लिखा, "अगर किसी को शाहरुख से परेशानी है तो वे फिल्म न देखें, लेकिन दूसरों को न रोकें। यह गैरलोकतांत्रिक है।"
फिल्म प्रदर्शन बाधित करना अनैतिक : परेश
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Monday, December 21, 2015


