मेरे पिता मेरे हीरो : सन्नी

मेरे पिता मेरे हीरो : सन्नी
अभिनेता सन्नी देओल के ढेरों प्रशंसक हैं और वे उन्हें अपना आदर्श भी मानते हैं लेकिन खुद उनके लिए उनके पिता 60 व 70 के दशक के 'ही मैन' के नाम से मशहूर धर्मेद्र उनके हीरो हैं।

सन्नी ने आईएएनएस से कहा, "मेरे पिता हमारे परिवार को लेकर बहुत सुरक्षात्मक हैं। वास्तव में हम सभी एक-दूसरे को लेकर सुरक्षात्मक हैं लेकिन यदि किसी के भी साथ कुछ गलत हो तो वह बर्दाश्त नहीं करते।"

उन्होंने कहा, "मेरे पिता बचपन से ही मेरे हीरो हैं। अभिभावक अपने बच्चों के लिए संघर्ष करते हैं। आपको अपने पिता, मां व अन्य परिजनों से पहचान मिलती हैं। व्यक्ति परिवार से जो कुछ सीखता है, उसमें उसी की झलक होती है।"

सन्नी को 1983 में उनके पिता ने ही 'बेताब' से बॉलीवुड में पेश किया था। बाद में उन्होंने 'घायल', 'दामिनी' और 'गदर-एक प्रेम कथा' जैसी फिल्मों से खुद को साबित किया।

फिल्मी दुनिया में तीन दशक गुजारने के बावजूद सन्नी अब भी मीडिया से शर्माते हैं। उनसे इसकी वजह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह मेरा स्वभाव है। मैं हर बात को लेकर खुले तौर पर प्रस्तुत नहीं हो सकता। मैं फिल्मोद्योग में एक अभिनेता के तौर पर रहना पसंद करता हूं और मैं यही चाहता हूं। मैं अच्छी फिल्में, अच्छी कहानियां करने की कोशिश करता हूं लेकिन मैं मंच पर नहीं जा सकता।"

'यमला पगला दीवाना 2' सात जून को प्रदर्शित होगी। फिल्म में अनुपम खेर भी नजर आएंगे। संगीत सिवन ने इसका निर्देशन किया है।

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