फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने और पांच साल से फिल्म जगत में काम करने के बावजूद अभिनेता इमरान खान ने अभी तक यहां दोस्त नहीं बनाए हैं। इमरान का कहना है कि उनके ज्यादातर दोस्त फिल्मोद्योग के बाहर ही हैं। वर्ष 2008 में आई 'जाने तू या जाने ना' से फिल्मी दुनिया में अपना आगाज करने वाले इमरान ने आईएएनएस को बताया, "मेरा विचार है कि दोस्ती को ज्यादा समय की जरूरत होती है। मैं यहां पांच साल से हूं, और इतना समय किसी को दोस्त कहने के लिए काफी नहीं है। इसलिए इसमें समय लगता है।"
इमरान दिवंगत फिल्म निर्माता नासिर हुसैन के पोते और सुपरसितारे आमिर खान के भांजे हैं।
इमरान ने कहा, "आप फिल्मोद्योग में बहुत ज्यादा काम करते हैं। घर पहुंचने पर आप उसी दुनिया से जुड़े नहीं रहना चाहते। कुछ लोग यह आराम से कर लेते हैं लेकिन मैं नहीं कर सकता। मेरे दोस्त वही बातें नहीं करते।"
अब इमरान 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' में नजर आएंगे। इमरान ने कहा, "हर बार जब मैं अपनी छवि बदलता हूं, मुझसे इसके बारे में पूछा जाता है। एक अभिनेता होने के नाते आप इन चीजों के बारे में नहीं सोचते, आप देखते हैं कि अगर फिल्म रोचक है तो आप इसे करते हैं। आप यह नहीं देखते कि लोग आप को कैसे देखेंगे, यह अप्रासंगिक है।"
इमरान ने 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' इसकी अच्छी पटकथा के कारण की। उन्होंने निर्देशक मिलन लूथरिया के निर्देशन और लेखक रजत अरोड़ा की काफी तारीफ की।
बाहरी दोस्तों को वरीयता देते हैं इमरान
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Friday, August 16, 2013


