अभिनेता शरमन जोशी ने भले ही 'स्टाइल', 'गोलमाल', 'ढोल' जैसी हास्य फिल्मों में अभिनय किया है, लेकिन उनका कहना है कि वह स्वभाविक रूप से एक संवेदनशील और भावुक अभिनेता हैं। शरमन कहते हैं कि थियेटर के दिनों में वह हास्य अभिनय में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। शरमन (34) ने मंगलवार को एक साक्षात्कार में कहा, "मैंने अभिनय की शुरुआत थियेटर से की, मैंने हर शैली में अभिनय का अभ्यास किया। उसी समय मुझे महसूस हुआ कि नाटकीयता और भावुकता वाले दृश्य मैं स्वभाविक रूप से आसानी से निभा लेता हूं। जब मैंने अपना पहला हास्य अभिनय किया था, वह बहुत बुरा था।"
उन्होंने आगे कहा, "धीरे धीरे मैंने हास्य अभिनय और सही समय के साथ सामंजस्य बिठाना सीखा। तो अखिरकार जो मेरे लिए स्वभाविक है वह नाटकीयता और भावुकता है बाद में मैंने हास्य पर भी मेहनत की है और अब कुछ कुछ कामयाब रहा हूं।"
शरमन जल्द ही देश की पहली युद्ध हास्य फिल्म 'वार छोड़ न यार' में एक सैन्य अधिकारी की भूमिका में नजर आने वाले हैं।
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कोई ऐसी फिल्म करना चाहता था जिसमें सेना की वर्दी पहनने का मौका मिले। इस फिल्म में मुझे यह मौका मिल ही गया। इसमें मेरा किरदार एक सैन्य अधिकारी का है।"
फराज हैदर निर्देशित 'वार छोड़ न यार' में जावेद जाफरी, सोहा अली खान और संजय मिश्रा ने भी काम किया है।
फिल्म 11 अक्टूबर को प्रदर्शित हो रही है।
हास्य अभिनय में निपुण नहीं हैं शरमन
-
Wednesday, September 25, 2013


