वर्ष 1975 की सफल फिल्म 'शोले' का 3डी में रूपांतरण आसान काम नहीं था। फिल्म के कुछ दृश्यों के चलते इसमें दिक्कत हुई। इन जटिल दृश्यों में से ही एक था बसंती का जंगल का दृश्य। फिल्म का 3डी में रूपांतरण फिल्मकार केतन मेहता के माया डिजिटल स्टूडियो ने किया है। इसे फिल्म के कुछ दृश्यों को रूपांतरित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
'माया मेमसाब' और 'मंगल पांडे: द राइजिंग' सरीखी फिल्में बनाने वाले मेहता ने एक बयान में कहा, "फिल्म में हेमाजी के जंगल में खड़े होना का दृश्य सबसे पेचीदा फ्रेमों में से एक था।"
मेहता ने कहा, "जब हम गहराई और 3डी के बारे में बात करते हैं तो प्रत्येक हिस्से की अपनी एक अलग गहराई और अलग परत होती है। हेमाजी की नाक से लेकर बाल, प्रत्येक पेड़ से लेकर प्रत्येक पत्ती की एक अलग परत बन गई। इनको अलग से बाहर निकालना और उसके बाद 3डी में रूप में सही गहराई और फ्रेम के साथ मिश्रित करना पड़ा था।"
इस फिल्म का 3डी रूप शुक्रवार को प्रदर्शित होगा। मूल फिल्म में दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी (बसंती), धर्मेद्र और संजीव कुमार भी थे।
'शोले' के 3डी रूपांतरण में दिक्कत आई
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Saturday, January 04, 2014


