फिल्म निर्देशक अभिनव कश्यप स्वीकारते हैं कि वह हमेशा ही प्रसिद्ध फिल्मकार और अपने बड़े भाई अनुराग कश्यप की छत्रछाया में रहे, लेकिन उनकी पहली फिल्म 'दबंग' ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में मदद की। भाई के रूप में अनुराग को पाकर स्वयं को धन्य मानने वाले अभिनव ने माना कि फिल्म निर्माण की बारीकियां भी भाई से ही सीखीं।
अभिनव ने लखनऊ से एक टेलीफोनिक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, "मेरी हमेशा ही उनसे तुलना की गई और मैं हमेशा उनकी छत्रछाया में रहा। लेकिन 'दबंग' से मैं इस छत्रछाया से बाहर आने में सक्षम हुआ।"
उन्होंने कहा, "हम दोनों ने अलग-अगल तरह की फिल्में बनाईं और दोनों ने ही नाम कमाया। मैंने अपना काम उनसे सीखा इसलिए उनकी छत्रछाया अच्छी है।"
अभिनव की दूसरी फिल्म 'बेशर्म' बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखाई पाई। फिल्म में अभिनेता रणबीर कपूर और नवोदित पल्लवी शारदा थीं। अभिनव कहते हैं कि फिल्म की असफलता की वजह मिश्रित समीक्षा थी।
अनुराग को 'ब्लैक फ्राइडे', 'द गर्ल इन येलो बूट्स' सरीखी फिल्मों के लिए जाना जाता है। हाल में उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर-1 व 2' जैसी सफल फिल्में दीं।
हमेशा भाई की छत्रछाया में रहा : अभिनव
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Saturday, February 08, 2014


