लाहिड़ी को संसद पहुंचने की आशा

लाहिड़ी को संसद पहुंचने की आशा
मशहूर संगीतकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार बप्पी लाहिड़ी यहां अपनी अनोखी आवाज में 'दे दे प्यार दे, दे दे वोट दे' चुनावी गीत गाते सुनाई पड़ रहे हैं। उनके अतिसफल गीतों की तरह ही लोगों ने उनके इस गीत में भी सुर से सुर मिलाया। लाहिड़ी के रोड शो यहां जबर्दस्त रूप से सफल हैं।

​ 'बप्पी दा' नाम से लोकप्रिय लाहिड़ी लगभग 'मुरलीधर' की भूमिका निभा रहे हैं, जिनका पीछा उनके सभी प्रशंसक-महिलाएं, पुरुष और बच्चे कर रहे हैं। लाहिड़ी श्रीरामपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जो हुगली में पांच विधानसभा क्षेत्रों और पड़ोसी जिले हावड़ा के दो क्षेत्रों में फैला हुआ है।

​ लाहिड़ी ने इस शहर में तड़के अपने सफल रोड शो में से एक के दौरान कहा, "मैं कर्म में यकीन रखता हूं न कि बोलने में। मैं राजनीति में हूं, लेकिन नेता नहीं हूं। मैं यहां वादे करने के लिए नहीं हूं। मैं काम करने के लिए हूं। मैं अपने कामों को स्वयं बोलने देना चाहता हूं।"

​ उन्होंने वादा किया कि अगर वह जीते तो शहर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर ले आएंगे।

​ 1980 और 1990 के दशक में अपने गीतों से धूम मचाने वाले लाहिड़ी हमेशा ही जनता को मदहोश करने वाले गीतों पर दांव लगाते हैं।

​ 'डिस्को किंग' ने अपने प्रचार अभियान के लिए अतिसफल बांग्ला फिल्म 'गुरु दखिना' के गीत 'गुरुके जनाय प्रोणाम' गीत से प्रेरित 'श्रीरामपुर के जनाय प्रोणाम' गीत भी लिखा है। उन्होंने 'गुरु दखिना' में संगीत दिया था।

​ लाहिड़ी श्रीरामपुर के लोगों को और रिझाने के लिए बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी और सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर को भी अपने प्रचार अभियान में ला रहे हैं।

​ उन्होंने कहा, "लोग उन्हें जल्द देख पाएंगे।"

​ गायक-गीतकार लाहिड़ी किशोर कुमार निर्देशित 'बढ़ती का नाम दाढ़ी' सहित कुछ फिल्मों में अभिनय भी कर चुके हैं।

​ 61 वर्षीय लाहिड़ी कहते हैं कि राजनीति में आना एक सोचा समझा निर्णय है, जो प्रशंसकों को उनका प्यार लौटाने की उनकी इच्छा से जन्मा।

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