'यमी ममी' यानी शिल्पा शेट्टी को अब इस खितबा के अलावा एक और ख़िताब स्पेलीशियस मॉम', जियोस्पा एशियास्पा इंडिया की तरफ से मिला है। एक माँ और अभिनेत्री जैसी बडी और व्यसत जिम्मेदारि के चलते उन्होंने खुद को भी इतने अच्छे से संभाला है। यही कारण है कि वह दूसरी महिलाओं के लिये एक आदर्श बन गई है।
लेकिन जब बात शिल्पा के इस संतुलन की दूसरी कामकाजी माओं के साथ बांटने की आती है तो वह कहती है कि मेरी राय की किसी भी माँ को कोई जरूरत नही है, क्योंकि वह अपने बच्चों के लिये जो भी काम करती है वह दिल से करतीं है। शिल्पा को यह ख़िताब एशियास्पा इंडिया पुरस्कार समारोह 2013 की तरफ से नवाजा गया है।
शिल्पा ने गुरुवार को एक समारोह में कहा, "लोगों ने मुझे सिर्फ इसलिए वोट नहीं किया कि मैं अपनी छरहरी काया में लौट आई हूं। उन्होंने महसूस किया कि मैं एक हरफनमौला की तरह एक माँ और कामकाजी महिला के रूप में अपने काम में संतुलन बैठाने में सक्षम हूं और पुरानी छरहरी काया में लौट आई हूं। इसलिए, इससे बड़ी कोई तारीफ नहीं है।"
बाक़ी माताओं को मेरी सलाह की जरूरत नही है: शिल्पा
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Saturday, May 10, 2014


