​रिव्यू केवल तभी पढता हूँ अगर वे मजेदार हो: शाहरुख

​रिव्यू केवल तभी पढता हूँ अगर वे मजेदार हो: शाहरुख
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने यह स्वीकार किया है कि वह फिल्म रिव्यू तभी पढ़ते हैं अगर वह मजेदार हो। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए शाहरुख ने कहा, "मुझमें हास्य की भावना है, और मैं ज्यादातर इस हास्य का प्रयोग खुद पर करता हूँ। हम ज्यादातर लगभग 70 से 30 प्रतिशत तक दूसरों का मजाक बनाते हैं। लेकिन वे इसे गंभीरता से ले लेते हैं। लेकिन अब मैंने ऐसा करना बंद कर दिया है।

शाहरुख कहते हैं, "मैंने ज्यादातर खुद का ही मजाक बनाता हूँ, लेकिन अगर बात रिव्यू की आती है तो, मैं रिव्यू केवल तभी पढता हूँ अगर वह हास्य से भरपूर हो। अगर यह गंभीर होता है, कि फिल्म निर्माण कैसे करना है, तो मैं फिल्म निर्माण को लेकर काफी गंभीर हूँ। तो मैं उन बातों में नहीं पड़ना चाहता।"

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