​​धार्मिक दृश्यों को फिल्माने में सावधानी बरतें फिल्मकार: मायावती

​​धार्मिक दृश्यों को फिल्माने में सावधानी बरतें फिल्मकार: मायावती
उत्तर प्रदेश में आमिर खान अभिनित फिल्म 'पीके' को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने शनिवार को कहा कि फिल्मकारों को फिल्मों में ऐसे दृश्य दिखाने से बचना चाहिए​।​ ​​जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने का खतरा हो।​​​

​​ ​ बसपा प्रमुख शनिवार को मॉल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।​​

​​ मायावती ने कहा कि उप्र सरकार ​'​पीके​'​ फिल्म को करमुक्त कर उप्र का और माहौल खराब करना चाहती है। बसपा अध्यक्ष ने कहा​, "कानून-व्यवस्था के मामले में सपा सरकार 100 में एक भी नम्बर पाने की हकदार नहीं है। कानून-व्यवस्था की हालत इतनी खराब हो गई है कि अब उप्र में बहू-बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।​"​​

​​ मायावती ने कहा​, "आप देखिए​, बदायूं का दुष्कर्म मामला इसका एक ताजा उदाहरण है।​​​​​ उप्र में गुंडे, माफियाओं ने अराजकता फैला रखी है।​​

​​ ​उन्होंने कहा कि फिल्म ​'​पीके​'​ तो नहीं देखी है, लेकिन सेंसर बोर्ड के अधिकारियों को भी किसी भी फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले उसे गम्भीरता से देखना चाहिए ताकि समाज का ताना-बाना छोटी-छोटी वजहों से न बिगड़ने पाए।

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