बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन को यह बात चुनौतीपूर्ण लगती है कि युवा पीढ़ी अपनी भावनाएं और बातें जाहिर करती है और किस तरह मोबाइल फोन ने आज बातचीत की जगह ले ली है।
अमिताभ ने अपने ब्लॉग 'एसआरबच्चन डॉट टंबलर डॉट कॉम' में लिखा, "जिस तेजी से आज की पीढ़ी अपने आप को जाहिर करती है, बोलती है, सोचती है वह हैरत में डाल देने वाला है। उनके साथ तालमेल रखना मुझे बहुत ही कठिन होता है।"
उन्होंने कहा, "बजुर्गो के लिए तो यह चुनौती ही बन गया है। आज की युवा पीढ़ी को पहले से पता होता है कि उनकी जरूरतें क्या हैं और वे पहले से तैयार होते हैं। बुजुर्गो को तो उन्होंने निराश कर दिया है।"
अमिताभ खुद भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि युवा पीढ़ी बातचीत से ज्यादा अपने स्मार्टफोन में व्यस्त रहती है।
अमिताभ को हालांकि नए अविष्कारों और प्रौद्योगिकी से कोई शिकायत नहीं है। लेकिन वह कहते हैं कि उन्हें अपनी आत्मा से प्रेम है, जिसका आज भी कोई तकनीकी विकल्प नहीं है।
अमिताभ ने कहा, "मुझे नए अविष्कार पसंद हैं। लेकिन मुझे अपनी आत्मा से भी प्यार है, क्योंकि इसका कोई तकनीकी विकल्प नहीं है।"
बातचीत की जगह मोबाइल फोन ने ले ली है: अमिताभ
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Wednesday, March 04, 2015


