गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने 'इंडियाज डॉटर' डॉक्यूमेंट्री का समर्थन किया था। अब उनके बेटे और फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने इस बात का समर्थन किया है। उनका मानना है कि डॉक्यूमेंट्री से भारत की छबि खराब नहीं हुई है।
फरहान अख्तर कहते हैं 'डॉक्यूमेंट्री मेकर लेसली अडविन का इरादा भारत की छवि को कलंकित करना नहीं था। डॉक्यूमेंट्री 16 दिसंबर 2012 को हुए गैंगरेप पर बनी है। इसमें 23 वर्षीय पैरामेडिकल स्टूडेंट से बलात्कार करने वाले 6 बलात्कारियों में से एक मुकेश सिंह का इंटरव्यू भी शामिल है। फरहान ने डाक्यूमेंट्री 'इंडियाज डॉटर' को यूएस में हुए इसके प्रीमियर में देखा।
फरहान ने टि्वटर पर लिखा, "बीती रात डाक्यूमेंट्री 'इंडियाज डॉटर' को देखा। मर्दानगी के कंसेप्ट को लेकर ये कुछ गंभीर सवाल खड़े करती है। फिल्म मेकर का इरादा स्पष्ट है। इससे इंडिया पर किसी तरह का कलंक नहीं लग रहा बल्कि वे अपने अध्ययन के आधार पर इस बात को दुनिया के सामने रखना चाहती हैं। डायरेक्टर का फोकस परिणाम पर हैं।"
भारत की इमेज पर कलंक नहीं है 'इंडियाज डॉटर': फरहान अख्तर
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Thursday, March 12, 2015


