कहानी की बुनियाद: कहानी दो बिल्कुल अलग किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है:
रे (कार्तिक आर्यन): लॉस एंजिल्स का एक बेफिक्र, कमिटमेंट से डरने वाला लड़का जो "फ्लिंग्स" का मज़ा लेता है लेकिन "आई लव यू" कहने से बचता है।
रूमी (अनन्या पांडे): आगरा की एक लड़की जो कुछ ज़्यादा ठोस और स्थायी चीज़ की तलाश में है। वे छुट्टियों में मिलते हैं (जिसमें शानदार इंटरनेशनल लोकेशन और यॉट दिखाए गए हैं), जिससे छुट्टियों का रोमांस शुरू होता है। हालांकि, दिक्कत तब आती है जब वे असल ज़िंदगी में लौटते हैं, जहाँ उनके अलग-अलग नज़रिए, परिवार की उम्मीदें, और "सिचुएशनशिप" की गतिशीलता उनके रिश्ते की परीक्षा लेती है।
क्या अच्छा है (फायदे):
केमिस्ट्री: कार्तिक और अनन्या की स्क्रीन पर मौजूदगी नैचुरल और चुलबुली है। उनकी बातचीत ताज़ा लगती है और Gen-Z ऑडियंस को प्रभावी ढंग से टारगेट करती है।
विज़ुअल्स: प्रोडक्शन वैल्यू हाई है, जिसमें शानदार सिनेमैटोग्राफी खूबसूरत मेडिटेरेनियन लैंडस्केप और अपस्केल पार्टी वाइब्स को कैप्चर करती है।
म्यूजिक: विशाल-शेखर के टाइटल ट्रैक और बैकग्राउंड स्कोर के स्निपेट कैची और अपबीट लगते हैं, जो रिलीज़ से पहले चार्टबस्टर बन सकते हैं।
सपोर्टिंग कास्ट: जैकी श्रॉफ (एक कूल पिता का किरदार निभा रहे हैं) और नीना गुप्ता जैसे दिग्गजों को शामिल करने से फिल्म में गंभीरता आती है और कुछ दिल को छू लेने वाले पारिवारिक पलों का वादा करती है।
संभावित कमियां (नुकसान):
परिचित क्षेत्र: कई आलोचकों ने कहा है कि "वेकेशन रोमांस गंभीर हो जाता है" वाली कहानी बॉलीवुड में एक आजमाया हुआ फॉर्मूला है। ट्रेलर को अपनी बेसिक कहानी में नयापन न होने के कारण कुछ आलोचना का सामना करना पड़ा है।
अनुमानित: "मज़ेदार फ्लिंग" से "भावनात्मक दिल टूटने" तक का सफर ट्रेलर में ही दिख रहा है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या स्क्रीनप्ले कोई असली सरप्राइज़ देगा।
फैसला: तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी एक "कंफर्ट वॉच" लगती है - एक देखने में आकर्षक, हल्की-फुल्की रोमांटिक ड्रामा जो काफी हद तक स्टार पावर और म्यूजिक पर निर्भर करती है। हालांकि यह कुछ नया नहीं करेगी, लेकिन यह छुट्टियों के मौसम में दर्शकों को खुश करने के लिए तैयार लगती है।


