हर शुक्रवार स्वयं को साबित करने की जरूरत : अभिषेक

हर शुक्रवार स्वयं को साबित करने की जरूरत : अभिषेक
अभिनेता-फिल्म निर्माता अभिषेक बच्चन के 13 वर्षो के करियर ग्राफ में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। उनका कहना है कि उन्हें डर है कि एक दिन ऐसा आएगा कि जब वह सुबह उठेंगे तो उनके पास कोई काम नहीं होगा। अभिषेक फिल्म 'धूम 3' में पुलिस वाले की भूमिका निभा रहे हैं।

'धूम 3' के प्रदर्शन का इंतजार कर रहे इस अभिनेता ने कहा, "मुझे सिर्फ यह डर है कि मैं एक सुबह उठूंगा तो मेरे पास करने के लिए कोई फिल्म नहीं होगी।"

उन्होंने कहा, "यह डर प्रत्येक अभिनेता को होता है। यह खौफ हमें हर शुक्रवार को होता है। भगवान न करे, लेकिन अगर कल को 'धूम 3' नहीं चली तो लोग मुझे फिल्में देना बंद कर देंगे।"

जूनियर बच्चन ने कहा, "आपको प्रत्येक शुक्रवार अपना काम साबित करने की जरूरत होती है और हर अभिनेता का सबसे बड़ा डर है कि एक सुबह वह उठेगा तो उसका फोन नहीं बजेगा और उसके पास कोई काम नहीं होगा।"

इस समय वह सिर्फ 'धूम 3' की सफलता की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिल्म शुक्रवार को प्रदर्शित होगी।

37 वर्षीय अभिषेक ने कहा कि इस फिल्म के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव है।

फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिनय कर चुके अभिषेक ने कहा, "धूम' मेरी पहली सफल फिल्म है। यह मेरे लिए खास है।"

अभिषेक ने वर्ष 2000 में फिल्म 'रिफ्यूजी' से बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने 'धूम', 'युवा', 'ब्लफमास्टर', 'धूम 2', 'बंटी और बबली', 'सरकार' और 'दोस्ताना' सरीखी फिल्मों से फिल्म जगत में पकड़ बनाने का प्रयास किया। उन्होंने 'पा' बनाई और उसमें अभिनय भी किया।

आलोचनाओं से सकारात्मकता के साथ निबटने वाले अभिषेक ने कहा, "मेरे घर में तीन महान कलाकार हैं। वह अपने नजरिये को लेकर बेहद स्पष्ट हैं और उन्हें ऐसा ही होना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मैं सभी नकारात्मक आलोचनाएं सकारात्मक ढंग से लेता हूं और स्वयं को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं।"

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