मेरे और परिणिति के बीच मजबूत बंधन है: सिद्धार्थ मल्होत्रा

मेरे और परिणिति के बीच मजबूत बंधन है: सिद्धार्थ मल्होत्रा
​'स्टूडेंट' ऑफ़ द इयर' से अपनी अच्छी शुरुआत करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा की फ़िल्म 'हंसी तो फंसी' ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत कर ली है। अपनी पहली ही फ़िल्म से खलबली मचा देने वाले सिद्धार्थ बेहद संवेदनशील इंसान है। जो ये जान चुके है कि कैसे लोगों का ध्यान आकर्षित करना हैं और उनके दिलों को जीतना है।

​ पेश ​हैं उनसे बातचीत के कुछ अंश-

​​​जब से करण जौहर ने आपको 'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर' के लिए साइन किया है, तो क्या वह हमेशा ये जानना चाहते हैं कि आप क्या कर रहे है? ​
​ ​नहीं। उन्होंने हमें (वरुण धवन, आलिया भट्ट और मुझे) हमारे अपने निर्णयों के साथ, अपनी गलतियों से सीख लेने के लिए छोड़ दिया है। लेकिन वह बहुत ज्यादा अधिकारिक माता-पिता के जैसे है। ​

आपकी 'हंसी तो फंसी' की सह-अभिनेत्री परिणिति, आपको वास्तविक जीवन में भी 'मेंटल' कह कर बुलाती है, आपने ऐसा क्या किया है जिस से आपको यह शीर्षक मिला? ​
​ ​इसके लिए तो आपको परी से ही पूछना पड़ेगा। ​पहले उन्हें लगा कि मैं ज्यादा नहीं बोलता, लेकिन मुझमे सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अच्छा हैं, जो उन्हें बाद में पता चला।और इसके बाद वह अचंभे में थी। क्योंकि उन्हें हँसाना बहुत आसान है।

​​'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर' की ​​​शनाया ​(आलिया भट्ट) और 'हंसी तो फंसी' की मीता, इनमें से आपकी आदर्श लड़की कौन है। ​
​ मैं पक्का परिणिति से रोमांस नहीं करना चाहूंगा, लेकिन हाँ 'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर' में आलिया का किरदार मुझे पसंद है। मीता बहुत ही मेंटल है, लेकिन मैं वास्तविक जीवन में परी से काफी हद तक करीब हूँ।

वरुण, आलिया और परिणिति ये तीनों ही इंडस्ट्री से पहले से ही जुड़े हुए है, और इंडस्ट्री के बारे में ज्यादा ताजातरीन जानकारी रखते है, क्या आप ऐसा महसूस करते हैं कि ​​आप इस मामले में पीछे है? ​
​ ​नहीं। एक फ़िल्म के बाद हर कोई बराबर होता है। यह इंडस्ट्री में हमारे ऊपर निर्भर करता है। अभी मुझमें एक वास्तविक अभिनेता की भावना आने, और अभिनय के पैमाने तक डूबने में समय लगेगा, लेकिन 'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर' के बाद मुझ पर एक अभिनेता के तौर पर काफी प्रभाव पड़ा है। लेकिन अनुभव को कोई हरा नहीं सकता। अब मुझमें संबंधों की समझ है। मैंने 'स्टूडेंट ऑफ़ द इयर' में एक अच्छे दिखने वाले लड़के का किरदार निभाया है। अब मैं अलग-अलग फ़िल्में करना चाहता हूँ।

​​क्या कभी अपने संवेदनशील ​व्यक्ति होने का उलटा असर दिखता है? ​​
​ ​ ​हाँ। संवेदनशील महिलाओं के लिए बहुत आकर्षण का केंद्र होता है, लेकिन कभी-कभी वे इस से भी ज्यादा देखती है। मेरे संवेदनशील रूप के कारण कई बार ऐसा हुआ है।

क्या आप मोहित सूरी की फ़िल्म 'विलेन' में शीर्षक किरदार निभा रहे है? ​
​ ​नहीं। मैं 'विलेन' में शीर्षक भूमिका नहीं निभा रहा हूँ। यह एक अँधेरी प्रेम कहानी है, जो सिर्फ मेरे ही नही बल्कि हर किसी के अँधेरे समय के बारे में बात करती है।

​​आप ने सबसे बड़ी विलेन वाली बात कौन सी की है। ​
​ ​मैंने मोहित की 'विलेन' में कुछ बेहद ही कठिन एक्शन दृश्य किये है। ​

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