अमेरिका में जन्मी बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस फाखरी कहती हैं कि मुंबई मनोरंजन जगत में वह अब भी नौसिखिया हैं। वह कहती हैं कि यहां लोग तब तक अच्छे दोस्त रहते हैं, जब तक एक दूसरे के साथ काम करते हैं, जैसे ही फिल्म खत्म होती है, दोस्ती भी खत्म हो जाती है।
सुपरहिट फिल्म 'रॉकस्टार' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली नरगिस को उनकी दूसरी फिल्म 'मद्रास कैफे' में तारीफ मिली थी। नरगिस जल्द ही अपने करियर की तीसरी फिल्म 'मैं तेरा हीरो' में नजर आएंगी।
नरगिस ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में अपने बॉलीवुड करियर के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, "मुझे 'मद्रास कैफे' में पत्रकार की भूमिका के लिए काफी तारीफें मिली थीं। उसके बाद बहुत सी फिल्मों के प्रस्ताव मिले, लेकिन 'मै तेरा हीरो' के बाद मैं सिर्फ 'शौकीन' में काम कर रही हूं।"
नरगिस ने 'रॉकस्टार' से लेकर 'मैं तेरा हीरो' तक की अपनी बॉलीवुड यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैंने मुंबई मनोरंजन जगत के बारे में इस दौरान काफी बातें और यहां के तौर-तरीके सीखे हैं। लेकिन, इतना काफी नहीं है। एक बात जो मैंने महसूस की है, कि जब लोग साथ काम कर रहे होते हैं, आपके सबसे अच्छे दोस्त होते हैं, लेकिन जैसे ही फिल्म खत्म हुई सब कुछ खत्म हो जाता है। यह बेहद तकलीफदेह बात है, खासकर किसी ऐसे इंसान के लिए जो यह सोचता हो कि दोस्ती जिंदगी भर के लिए होती है।"
नरगिस से यह पूछे जाने पर कि बॉलीवुड में तीन साल बिताने के बाद क्या वे यहां अपनापन महसूस करती हैं, उन्होंने कहा "ईमानदारी से जवाब दूं, तो मैं अभी भी यहां पानी में रहने वाली मछली हूं। मुझे यहां कई सारी बातें समझ नहीं आती। मैं अब भी यहां अपने लिए रास्ता तलाश रही हूं।"
नरगिस कहती हैं, "मुझे बताया गया था कि यदि मैं बॉलीवुड में काम करूंगी तो मुझे कार्यक्रमों में, समारोहों में विग्स पहनने होंगे, नकली पलकें लगानी होंगी, ढेर सारा मेकअप करना होगा। मैं यह सब कर रही हूं, जबकि मुझे यह सब करना बिल्कुल पसंद नहीं है।"
सिनेमा जगत को ठीक से समझ नहीं पाई हूं : नरगिस फाखरी
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Monday, March 03, 2014


