बाप-बेटे का रिश्ता दोस्तों के जैसा होना चाहिए: शाहरुख

बाप-बेटे का रिश्ता दोस्तों के जैसा होना चाहिए: शाहरुख
​शाहरुख खान जो दो बेटों के पिता हैं, उन्हें लगता है कि बाप-बेटे का रिश्ता दोस्तों के जैसा होना चाहिए। शाहरुख हाल ही में 'इक्कीस तोपों की सलामी' के प्रोमोशन में शामिल हुए थे। इसी मौके पर उन्होंने एक पिता और बेटे के रिश्तों पर अपने विचार व्यक्त किये।

​कहा जा रहा है कि फिल्म बाप-बेटे के रिश्ते पर ही आधारित है। इस फिल्म ने शाहरुख को भावुक कर दिया, और वह इसके प्रोमोशन के तौर पर आगे आए हैं। फिल्म में अनुपम खेर, नेहा धूपिया, ​दिव्येंदु शर्मा, मनु ऋषि और अदिति शर्मा​ ने अभिनय किया है और फिल्म को कॉमेडी की शैली में बनाया गया है। यह एक व्यक्ति और उसके दो बेटों की कहानी है।

​शाहरुख ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ​"​फिल्म का शीर्षक 'इक्कीस तोपों की सलामी फिल्म की कहानी के हिसाब से एकदम ठीक है। मुझे लगता है कि जब आप इस तरह की फिल्म को कॉमेडी फॉर्म में बनाते हैं, तो यह आम कॉमेडी फिल्म से अलग हो जाती है।"

​"मेरी चाहत मेरे तीनों बच्चों के लिए ये है कि उनका स्वास्थ अच्छा रहे। ​​​मेरे लिए सबसे संतुष्टिदायक अनुभव ​ये ​है कि जब आप थके हुए और परेशान होते हैं, ऐसे समय में जब आप सोते हुए अपने बच्चों के नरम मुलायम शरीर की छुवन महसूस करते हैं, और वो आपको गले लगाते हैं, क्योंकि वो आपके एक लंबे समय तक घर से दूर रहने से बुरा महसूस कर रहे होते हैं।"

"​मैंने देखा है कि जब मैं फिल्म इंडस्ट्री में दूसरे पिताओं से बात करता हूँ, उनमें अपने बच्चों की तरह एक दोस्ताना स्वभाव होता है। अब एक पिता की छवि वाला समय बीत चुका है। मुझे लगता है कि एक पिता और बेटे के बीच दोस्ती जैसा प्राकृतिक उत्साह​ वाला ​रिश्ता होना चाहिए।"

जैसा किरदार अनुपम खेर ने 'दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में निभाया था, 'इक्कीस तोपों की सलामी' में भी ऐसे ही किरदार को रखा गया है। ​अनुपम कहते हैं कि एक पिता की भावनाए मुझमें प्राकृतिक रूप से आती है। इस फिल्म में पिता अपने बच्चों से असंतुष्ट है, दुर्भाग्यवश उन्हें यह बात पिता की मौत के बाद समझ आती है। मेरे पिता एक साधारण व्यक्ति लेकिन एक असाधारण इंसान थे।"

​'इक्कीस तोपों की सलामी' का निर्देशन रविन्द्र गौतम और निर्माण नौटंकी फिल्म्स तले किया गया है। फिल्म 19 सितंबर को रिलीज होगी।

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