मैं एक कहानी वक्ता हूँ, और 'सत्यमेव जयते' इसका माध्यम है: आमिर खान

मैं एक कहानी वक्ता हूँ, और 'सत्यमेव जयते' इसका माध्यम है: आमिर खान
आमिर खान का शो 'सत्यमेव जयते' रविवार से शुरू हो चुका है, और इसी मौके पर आमिर खान ने ना सिर्फ शो में 'खेलों' के दमदार मुद्दे को उठाया बल्कि शो के बाद ​चंडीगढ़ आए आमिर ने एक लाइव चैट कार्यक्रम भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "मैं आपके लिए भारत के असली हीरो से मिलने का सिर्फ एक माध्यम हूँ।"
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​​ आमिर ने रविवार को यहाँ अपने शो 'सत्यमेव जयते' के लिए लाइव चैट शो 'मुमकिन है' की शूटिंग की। वहीं आमिर के इस शो के तीसरे सीजन की भी रविवार को ही शुरुआत भी हो गई है। शो का पहला एपिसोड खेल पर आधारित था, जिसमें भारत के कुछ प्रतिभावान लेकिन कम जानकार खिलाडियों से भी मिलवाया। इसके बाद जैसे ही शो खत्म हुआ आमिर खान ने ट्राईसिटी में भी लाइव चैट शुरू कर दी। इस दौरान आमिर ने शहर के कुछ नामी व्यक्तियों से आमने सामने बात की। इस मौके पर उनके साथ कपिल देव, दिनेश मोंगिया और युवराज सिंह भी उपस्थित थे।
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​​ ​शो के बाद आमिर खान ने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने शो से जुड़ने को लेकर भी अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा वह सिर्फ एक कहानी बताने वाले व्यक्ति हैं कोई स्टार नहीं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मैं सिर्फ एक कहानी बताने वाला व्यक्ति हूँ, और 'सत्य मेव जयते' उसका एक माध्यम है। हम कुछ आधारभूत सच्चाइयों के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।
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​​ ​आमिर खान ने कहा, "वास्तव में मेरी और निर्देशक सत्यजित भटकल की यह यात्रा तब शुरू हुई, जब हम स्कूल में थे। इसके बाद मैंने अभिनय को चुना और सत्यजीत ने सामजिक कार्यों को। एक कम नतीजों वाले कार्यों वाला असम्भव सपना। जब मेरे स्टारडम का उदय होना शुरू हुआ, उस वक़्त मैं जितनी बार भी सत्य से मिला मुझे बेहद अजीब लगा। मैं वह कर रहा था जो मैं चाहता था। लेकिन सत्य ने दूसरों के लिए ही अपने जीवन को कुर्बान कर दिया। इस बात ने मुझ पर गहरा असर डाला कि मैं इसमें कैसे अपना योगदान कर सकता हूँ और कैसे लोगों तक पहुंच सकता हूँ।
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​​ ​आमिर ने आगे कहा, "'सत्यमेव जयते' का बनना वास्तविक में 20-25 सालों की प्रक्रिया है। मेरे दिमाग में असफलता नहीं थी। भारत बदलने के लिए तैयार था। लेकिन क्या मैं भी इसमें बदलाव ला सकता था। यह संभव नही था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि मैं अपने दोनों हाथों को लगाकर कुछ कर नहीं सकता था। किसी को शुरुआत करनी ही पड़ती। हमने राय लेने से शुरुआत की। "वी विल ट्राई' और इसके बाद यह बदलाव के लिए एक चाहत बन गई। बाद में इसे देशभर के करोड़ों लोगों के साथ बांटा गया। 'सत्यमेव जयते' के द्वारा ज़बरदस्त प्रभाव पड़ा। बाद में इसे और आगे बढ़ाया गया। ग्वालियर सरकार ने विकलांग लो​गों के लिए ​पूरे शहर को पहुंच के अंदर ला दिया। मध्य प्रदेश ने गरीब लोगों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाई।
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​​ ​"इस सीजन में 6 एपिसोड हैं। हर बार इसमें कुछ अलग मुद्दा होगा, जिसकी वास्तविक सच्चाई से लोगों को अवगत कराया जाएगा। लेकिन इसमें भी एक ट्विस्ट है।एपिसोड के अंत में हम एक लाइव चैट 'मुमकिन है' भी करेंगे जहाँ उसी मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। यहाँ पर शहर के लोगों और कुछ जाने-पहचाने चेहरों से आमने-सामने बात की जाएगी। शो के पहले लाइव एपिसोड 'मुमकिन है' की शुरुआत चंडीगढ़ से हो चुकी है। इसके बाद यह दिल्ली, कानपूर, भोपाल, जयपुर और पुणे जैसे शहरों में भी होगा।

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