'पीके' के समर्थन में उतरा बॉलीवुड और देश के युवा

'पीके' के समर्थन में उतरा बॉलीवुड और देश के युवा
आमिर खान की फिल्म 'पीके' को युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है। देश के युवाओं ने हिंदू संगठनों से सवाल किया है कि वे फिल्म की निंदा क्यों कर रहे हैं। उनके मुताबिक फिल्म में कहीं भी हिंदू धर्म का अपमान नहीं किया गया है।​

​ सफलतम हिंदी फिल्मों में शामिल हो चुकी 'पीके' के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों से सिनेमाघर मालिक और बॉलीवुड दोनों ही समान रूप से क्षुब्ध हैं। फिल्म में एक संगठित धर्म और साधु की आलोचनात्मक कहानी दिखाई गई है। आर्य समाज के नेता स्वामी अग्निवेश ने तो फिल्म को कर मुक्त करने की मांग की है।​

​ "पीके" बॉलीवुड की सबसे सफलतम फिल्मों में से एक बन गई है। फिल्म ने एक पखवाड़े के भीतर ही 200 करोड़ रूपए की कमाई कर ली है। "पीके" 19 दिसंबर को रिलीज हुई थी। इसमें आमिर खान ने एक ऐसे एलियन की भूमिका निभाई है, जो भारत के परिदृश्य के प्रति मोहित हो जाता है। इस फिल्म में अनुष्का शर्मा, सुशांत सिंह राजपूत, संजय दत्त और बोमन ईरानी भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।​

​ अयोनव बागची (33) ने कहा, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। फिल्म के दृश्य और संवाद भगवान के खिलाफ नहीं हैं। मैं स्वयं एक हिंदू हूं, और मुझे इसमें कुछ भी अपमानजनक नहीं लगा।​

​ उन्होंने कहा, मेरी भावनाएं आहत नहीं हुई। हमने देखा कि भारत में साधु कैसे हैं। उनमें से ज्यादातर भ्रष्ट हैं। फिल्म लोगों से इस प्रकार के लोगों से दूर रहने के लिए कहती है, और मेरे लिए यह उचित है। मोहम्मद अंजार असलम (28) ने भी फिल्म की तारीफ की। उन्होंने कहा, धार्मिक अंधविश्वास में मदहोश भारतीय समाज की मादकता को चित्रित करने का इ ससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता था? पंडित और मौलवी द्वारा की गई व्याख्याओं में सीमित रहने वाले और वैज्ञानिक सोच खो देने वाले समाज से विरोध प्र दर्शन की उम्मीद थी।

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