अमरीश पुरी जन्म 22 जून 1932 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। 12 जनवरी 2005 को इस एक्टर ने बॉलीवुड और अपने चाहने वालों को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। हर फिल्म में उनका किरदार अभिनेता के किरदार के ऊपर भारी पड़ जाता था जिसे लोगों का खूब प्यार मिलता था| फिर चाहे वह 'मिस्टर इंडिया' के खतरनाक विलेन 'मोगेंबो' हो या फिर 'करण अजुर्न' का ठाकुर दुर्जन सिंह। आज वे हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके 90 वें जन्मोत्सव पर आज बात उनकी सबसे यादगार फिल्मों के बारे में।
इस फिल्म में अमरीश पुरी ने एक जिम्मेदार पिता चौधरी बलदेव सिंह उर्फ बाबूजी की भूमिका निभाई थी । शाहरुख खान, फरीदा जलाल और काजोल के साथ मिलकर अमरीश पुरी ने इस फिल्म में गजब का अभिनय किया था। फिल्म में अमरीश पुरी द्वारा बोला गया डायलॉग, 'जा सिमरन जा, जा... जी ले अपनी जिंदगी' आज भी लोगों की जुबां पर रहता है।
शाहरुख खान और सलमान खान स्टारर फिल्म 'करण-अर्जुन' में अमरीश का विलेन रूप शाहरुख और सलमान की एक्टिंग पर भारी पड़ गया था । इस फिल्म में वो ठाकुर दुर्जन सिंह का किरदार निभा रहे थे। इस फिल्म में उनका एक 'डायलॉग' ऐसी मौत मरुँगा, इस कमीने को... की भगवान ये पुनर्जन्म वाला सिस्टम ही खत्म कर देगा ' लोगों द्वारा बहुत पसंद किया गया था।
सनी देओल, ऋषि कपूर, मीनाक्षी शेषाद्री, परेश रावल स्टारर , इस फिल्म में बैरिस्टर इंद्रजीत चड्ढा का किरदार काफी महत्वपूर्ण था और अमरीश पुरी ने इस किरदार को उतनी ही शिद्दत से निभाया था। अमरीश पुरी की शानदार अदाकारी के कारण उन्हें 1994 के फिल्मफेयर में बेस्ट विलेन के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
Popular Slideshows
-
देशभक्ति गीतों में सबसे शानदार हैं ये 10 गीत
-
FHM की सबसे सेक्सी हसीनाएं
-
बॉलीवुड के हसीन नए चेहरे
-
विवादों की बेताज मल्लिकाएं
-
रुपहले पर्दे की बांग्ला सुंदरिया
-
सेक्सी सनी के बारे में कुछ खास बातें
-
'देसी गर्ल' के मॉडर्न अवतार
-
बोल्ड दृश्यों से भरपूर 'हेट स्टोरी 2'
-
भारत में बैन 10 फ़िल्में
-
कौन होगी दिल है की मानता नहीं रीमेक की मुख्य अदाकारा?
-
छोटे पर्दे की सबसे खूबसूरत और हॉट अभिनेत्रियां











