दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि उनकी जीवनी पर आधारित नाटक 'कुछ भी हो सकता है' ने उनके मन से विफलता के डर को खत्म किया और खुद को लेकर सामान्य होने का भाव मन में पैदा किया।
इस नाटक का मुंबई में शनिवार को 325वीं बार मंचन होने जा रहा है।
अनुपम (60) ने ट्विटर पर लिखा, "आज मेरी जीवनी पर आधारित नाटक 'कुछ भी हो सकता है' का मुंबई में 325वीं बार मंचन होने जा रहा है। इस नाटक ने मेरे मन से विफलता का भाव समाप्त किया। मेरा यह नाटक 10 साल पहले शुरू हुआ था जब मैं मुश्किल वक्त के दौर से गुजर रहा था। मैंने इस नाटक को करने का निर्णय लिया, जहां मैं अपनी विफलताओं पर हंस सकूं।"
उन्होंने लिखा, "अपनी विफलताओं, गलत निर्णयों पर हंसी ने मुझे मजबूत बनाया तथा मानसिक सुकून प्रदान किया और मुझे वो बनाया जो मैं आज हूं।"
अनुपम ने इस नाटक के निर्देशन के लिए फिरोज खान, पटकथा के लिए अशोक पटोले और इसकी तकनीकी टीम को हमेशा साथ रहने के लिए धन्यवाद दिया।
'कुछ भी हो सकता है' एक व्यक्ति के विफलता से सफलता तक पहुंचने की कहानी है।
'कुछ भी हो सकता है' ने खत्म किया मेरा डर : अनुपम
Tuesday, July 21, 2015 17:30 IST


