मूवी रेविएवस



अभिषेक बच्चन ने हर बार की तरह इस बार भी अपने जय दीक्षित के किरदार को बना कर रखा है। उनके किरदार में कुछ नया तो नहीं था लेकिन उनकी हर......

इनके अलावा सटाके ठोको, 'सामने हैं सवेरा', 'जय गोविंदा जय गोपाला' और तमंचे पे डिस्को। जैसे गाने है, जो ज्यादा देर दिमाग में टिकने वालों में से नहीं है। ...

फ़िल्म का संगीत विशाल-शेखर ने दिया है। जो फ़िल्म की कहानी के हिसाब से ही बजता है। साथ ही 'धत्त तेरे की' चिंगम चबा के' जैसे गानों को काफी......

फ़िल्म का संगीत कुछ ज्यादा प्रभावी नहीं है। फ़िल्म में कुल पांच गाने है। जिसका शीर्षक गाना 'सिंह साहब द ग्रेट' है। इसे 'अलावा दारु बंद कल से', 'जब मेहँदी लग लग जावे'......

फ़िल्म में प्रयोग किये कुछ ऐसे दृश्यों और डायलॉग्स के लिए जिनका सामना करना आपको शायद ठीक ना लगे, खासकर परिवार के साथ। साथ ही फ़िल्म में अनावश्यक मसाले के लिए।...

हिंदी-सिने जगत में एक नई शैली की शुरुआत है, 'कृष-3'। इस बात में कोई संदेह नहीं है, कि 'कृष-3' भारत की सबसे पहली ऐसी फ़िल्म है, जिसमें विदेशी दर्जे की ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया गया है, जो अब से पहले भारत में किसी भी फ़िल्म में नहीं हुआ था।...

अगर फिल्म को लेकर तार्किक तरीके से सोचते है और ड्रामे के अलावा फिल्म में मजबूत कहानी भी ढूँढ़ते है। ...

फिल्म 'रोंदे सारे व्याह पिच्छों' सच्चे प्रेम और पक्के विश्वास की एक ऐसी प्रेम कहानी है। जो एक बार फिर ये साबित कर देती है, कि प्रेम और विश्वास में बहुत शक्ति होती है।...

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