निर्देशक: रमीन बहरानी
रेटिंग: ***1/2
प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स
रमीन बहरानी के निर्देशन में बनी फिल्म 'द व्हाइट टाइगर' 2008 में रिलीज़ हुए अरविंद अडिगा के नॉवल पर आधारित कहानी है। जिसको हाल ही में नेटफ्लिक्स पर लोगों के सामने प्रस्तुत कर दिया गया है| यह फिल्म न्यू इंडिया पर जातिवाद, सामंतवाद, भ्रष्टाचार और गरीबी के किस्सों को प्रदर्शित करते हुए एक कटाक्ष करती नज़र आती है| रमीन बहरानी द्वारा निर्देशित इस मजेदार कंटेंट को क्या आप देखना चाहते हैं?, तो आइये उससे पहले इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें|
'द व्हाइट टाइगर' फिल्म की कहानी बलराम हलवाई (आदर्श गौरव) के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आती है| बता दें कि वह लक्ष्मणगढ़ के एक ऐसे घर में पैदा हुआ है, जहां बड़ी ही मुश्किलों से लोगों का पेट भर रहा है। एक बार वह बीमार पिता को दिखाने के लिए दूसरे गांव ले जाता है जहाँ पर उसके पिता की मौत हो जाती है। भूख से मर रहे परिवार का पेट भरने के लिए बलराम को पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ जाती है।
वह बार-बार इस अंधकार भरी जिंदगी से बाहर निकलने की सोचता रहता है, वह लोगों के मन में चल रही जातिवाद की भावना को बदलना चाहता है| इसके बाद उनके सामने वहां के बड़े जमींदार (महेश मांजरेकर) का अमेरिका से पढ़कर आया छोटा बेटा अशोक (राजकुमार राव) आता है। बलराम को उन्हें पहली बार देखते ही लगता है कि अशोक ही वो इंसान है, जिसकी मदद से वो लोगों के मन की धारणाओं को बदल सकता है।
बलराम शहर आकर अशोक के ड्राइवर की नौकरी करने लग जाता है, इस समय बलराम की दुनिया अशोक और उनकी पत्नी पिंकी मैडम (प्रियंका चोपड़ा) बन जातें हैं। इसके बाद कुछ हादसे ऐसे होते हैं जिसके लिए बलराम को बहुत कुछ सुनना पड़ता है और यहीं से बलराम 'द व्हाइट टाइगर' का असली खेल शुरू हो जाता है, जिसको देखने के लिए आपको यह फिल्म देखनी पड़ेगी|
रमीन बहरानी निर्देशित यह फिल्म अरविंद अडिगा के उपन्यास 'द वाइट टाइगर' पर आधारित है, किताबों में लिखी कहानी को बड़े पर्दे पर उतारना आसान नही होता है| परन्तु निर्देशक ने जिस सरलता से इसको लोगों के सामने प्रस्तुत किया है वो वाकई में सराहनीय कार्य है| रमीन ने जातिवाद, अमीरी-गरीबी, धर्म, राजनीति और शोषण की स्थिति को दर्शाते हुए लोगों पर एक करारा व्यंग्य किया है|
अभिनय की बात करें तो राजकुमार राव अपनी सहायक भूमिका में शानदार नज़र आए हैं, वहीं प्रियंका चोपड़ा ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है| इस फिल्म के हीरो आदर्श गौरव आपका शुरू से लेकर अंत तक भरपूर मनोरंजन करेंगे, वह अपने जबरदस्त अभिनय से निर्माताओं का ध्यान आकर्षित करते दिखाई दिए हैं। बलराम के रूप में उनके मन में चल रही दुविधा, कपट, घमंड, प्यार और मजाक आपको काफी पसंद आएगा। फिल्म की दमदार स्टारकास्ट इसका मजबूत पक्ष बनकर सामने आई है।
फिल्म की बेहतरीन कहानी इसको और ज्यादा मजबूत बना देती है, बलराम और अशोक के बीच की बातचीत दर्शकों की दिलचस्पी को बढ़ा देती है। इसकी शानदार एडिटिंग के लिए टिम स्ट्रीटो की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। पाउलो कारनेरा की सिनेमेटोग्राफी भी आपका काफी ध्यान आकर्षित करेगी, लक्ष्मणगढ़ हो या दिल्ली, अमीर हो या नौकर उन्होंने अपने कैमरे से फिल्म में जैसे जान डाल दी है|
आपने गरीबी से अमीरी तक के सफर को प्रदर्शित करने वाली अनेक फिल्म देखी होगी, लेकिन 'द व्हाइट टाइगर' का कंटेंट बिल्कुल अलग है| यह लोगों को एक दर्पण दिखाती नज़र आती है, अगर आप आदर्श गौरव की बेहतरीन एक्टिंग देखना चाहते हैं और राजकुमार राव के फैन्स हैं तो इस फिल्म को जरुर देख सकते हैं|