बहुमुखी गायक सोनू निगम कहते हैं कि प्रतिभा खोज रिएलिटी टीवी कार्यक्रमों की वजह से अब मुंबई में नई प्रतिभाओं के लिए संघर्ष पहले से कम हो गया है। सोनू खुद भी कई रिएलिटी संगीत कार्यक्रमों के जज और प्रस्तोता रह चुके हैं। सोनू ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए मंगलवार को इंडिया टुडे समूह के सम्मेलन एजेंडा आज तक में कहा, "जब हम मुंबई आए थे, तो हमारी सबसे बड़ी चिंता रहने खाने की थी। हम काम पाने के लिए घंटों तक संगीतकारों के घरों और कार्यालयों के बाहर खड़े रहते थे।"
उन्होंने कहा कि आज रिएलिटी कार्यक्रमों ने बहुत हद तक परिस्थिति को बदल दिया है। "आज लोगों को बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता है। वे यहां आते हैं रिएलिटी कार्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए कोशिश करते हैं, अपने संपर्क बढ़ाते हैं, दो-एक कार्यक्रमों में काम करते हैं, जिनके लिए उन्हें एक रात के 15,000 से 20,000 तक मिलते हैं। इस तरह वे व्यस्त भी रहते हैं और खुश भी रहते हैं।"
सोनू ने 1990 में रिएलिटी संगीत कार्यक्रम 'सा रे गा मा पा' की मेजबानी की थी। उन्होंने इसी शो के कुछ संस्करणों में जज की भूमिका भी निभाई थी। इसके अलावा सोनू 'किसमें कितना है दम', 'इंडियन आइडल' और 'एक्स फैक्टर इंडिया' जैसे रिएलिटी संगीत कार्यक्रमों का हिस्सा रह चुके हैं।
सोनू को हिंदी फिल्मों में 'संदेशे आते हैं', 'ये दिल दीवाना', 'पंछी नदिया' और 'कल हो न हो' जैसे मशहूर गीतों के पाश्र्वगायन के लिए जाना जाता है।
उनका मानना है कि असली प्रतिभा रिएलिटी कार्यक्रमों पर निर्भर नहीं रहती है।
रिएलिटी शो से नई प्रतिभाओं की राह हुई आसान : सोनू
Thursday, December 05, 2013 13:52 IST


