एक दुःख भरी कहानी एक औरत कि ज़ुबानी!

जो आज मेरे साथ हुआ वो किसी दुश्मन के साथ भी ना हो।

आज सुबह उठकर मैंने नाश्ता बनाया, बच्चों को खिलाया अपने पति को खिलाया।

सब को तैयार कर के भेज दिया, सारे बर्तन इकठे कर दिए, कपडे वाशिंग मशीन के पास रख दिए।

मैं बाथरूम में गयी, शावर लिया, नहा कर आयी और तैयार हो गयी।

तभी मुझे एक फ़ोन आया और फ़ोन सुन कर तो बस मेरी जान ही निकल गयी।

फ़ोन पर थी मेरी काम - वाली और बोली, "मेरे को आज बहुत बुखार है मेमसाहब, आज काम खुद कर लेना।"