परमात्मा का शुक्र है!
ज़िंदगी में पहली बार तीन मित्र किसी के यहाँ मातम के लिए गए। जब कुछ देर चुप बैठे हो गई तो मरने वाले के बाप से पूछा: आखिर आपके बेटे की मौत हुई कैसे?
जवाब मिला: उससे गलती से बंदूक का घोड़ा दब गया था, गोली लगी और मर गया।
तभी दुसरे ने पूछा: गोली कहाँ लगी थी?
जवाब मिला: आँख के नीचे।
तभी तीसरा मित्र बोला: परमात्मा का शुक्र है, गोली आँख के नीचे ही लगी वरना आँख चली जाती।



