बस मिली ही समझो!

एक लेनदार अपना क़र्ज़ वसूलने के लिए अपने कर्ज़दार के पास गया और बोला, "अभी तक तुमने मेरा उधार चुकता नहीं किया?"

कर्ज़दार: बस जल्दी ही कर दूंगा। नौकरी का पहला वेतन मिलते ही तुम्हारा सारा उधार चुका दूंगा।

लेनदार: ओह ! बधाई हो आखिर तुम्हें नौकरी मिल ही गई।

कर्ज़दार: हाँ, मिल ही गई समझो। जैसे ही मेरी एप्लीकेशन जाएगी मुझे नौकरी मिल जाएगी।

लेनदार: तो अभी एप्लीकेशन भी नहीं भेजी।

कर्ज़दार: एप्लीकेशन भेज तो दूंगा, परन्तु बड़े साहब कह रहे थे कि पहले अख़बार में विज्ञापन देंगे, तब मैं एप्लीकेशन भेजूं।

लेनदार: तो अभी विज्ञापन भी नहीं दिया?

कर्ज़दार: नहीं, कह रहे थे कि जैसे ही जगह बनेगी, वह विज्ञापन दे देंगे।

लेनदार: तो अभी जगह भी खाली नहीं हुई?

कर्ज़दार: बस पहला कलर्क नौकरी छोड़ने ही वाला है। जैसे ही वह जायेगा तो जगह खाली हो जाएगी।

लेनदार ने तंग आकर बाकी की बात खुद ही कह दी, "और पहला क्लर्क भी नौकरी छोड़ेगा तब, जब उसे अच्छी नौकरी मिलेगी और उसे नौकरी तब मिलेगी जब उससे पहला क्लर्क छोड़ कर जायेगा और वह पहला कलर्क भी तब छोड़ेगा जब उसे कहीं और नौकरी मिलेगी और उसे नौकरी तब मिलेगी जब उससे पहला क्लर्क छोड़ के जायेगा और..."

कर्जदार हैरान होकर बोला, "अरे, आप तो बड़े समझदार हो गए हैं। सब बातें खुद ही समझ गये। मैंने आप से कर्ज लेकर अच्छा ही किया।"