आजकल के बच्चों की हरामी पंथी:
अध्यापिका: शोर मत करो नहीं तो निकाल के खड़ा कर दूँगी।
बच्चे: पहले मेरा, पहले मेरा, पहले मेरा।
भरी बस में एक लड़की के पीछे खड़े लड़के का खड़ा औजार लड़की को छू रहा था।
लड़की ने उस लड़के को ज़ोर से थप्पड़ मारा और कहा, "कमीने खुद को खड़े होने की जगह नहीं, तूने इसको भी खड़ा कर रखा है।
मेरे मरने के बाद मेरा जनाजा उसकी गलियों में घुमा देना;
अगर वो दिख जाए तो एक बार मेरा पकड़ कर हिला देना।
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अरे कमीनों हाथ, बाय-बाय करने के लिए।
अगर एक बिना चोली के महिला के स्तन दिखें तो उसको उर्दू में क्या बोलेंगे?
सोचो सोचो।
नहीं मालूम? उसे उर्दू में कहते हैं
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"खुले आम"।
लड़की की टी-शर्ट पर आकर्षक संदेश:
सिर्फ सोचने से नहीं;
सिर्फ देखने से नहीं;
कुछ करने से बड़े होते हैं
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इंसान।
पत्नी को खुश रखने के 3 तरीके:
1. रोज़ उसके साथ करो, 'समझौता'
2. रोज़ अच्छे से दबाओ उसके 'पैर'
3. रोज़ अपना खोल के उसके हाथों में रख दो 'पर्स'!
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हाथ में पकड़ो तो दबाने का दिल करता है।
दबा लो तो चूसने का दिल करता है।
चाहे जितना मर्ज़ी चूस लो, दिल ही नहीं भरता।
क्योंकि
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बहुत कम समय के लिए आता है 'आम' का मौसम।
झांटे साफ़ होनी चाहिए...
उलझी हुई तो जिंदगी भी होती है।
मास्टर कक्षा में, "बच्चों हर बात के दो मतलब होते हैं"।
पिंकी: मास्टर जी निकाल के दिखाओ?
मास्टर: बैठ जा गुडिया इसके भी दो मतलब निकलते हैं।



