अर्थ का अनर्थ
एक लिफ्ट पे 2 अलग अलग सुचना:
"महिलाओं का ख़ास ख्याल रखें।"
और
उसके नीचे लिखा था:
"एक बार में 6 से ज्यादा आदमी ना चढ़ें।"

नौकरानी सेक्स के समय, "साहिब, आनंद आ रहा है।"
मालिक और रोज़ तेज़ करने लगा।
नौकरानी: साहिब आनंद आ रहा है।
मालिक और रोज़ तेज़ करने लगा।
आनंद: मैं आ गया, पापा।

मेरे प्रिये दोस्तो:
कभी-कभी हम अच्छा मौका छोड़ देते हैं। लेकिन जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा मिले तो छोड़ना मत।
लड़की की लो और औरत की लो;
जवान की लो और बूढ़ी की लो;
जहाँ भी जिसकी मिले, बस ले लो।
क्योंकि
पता नहीं कब किसकी दुआ काम आ जाये।

जहान की खिलावट में जुलूल नहीं आएगा;
गम-ए-तोहीन से कुबूल नहीं आएगा;
मक्लूल की इबरात है, यह कुर्फा ग़ालिब;
तुम्हारी फट जाएगी पर यह शेर समझ नहीं आएगा!

दोस्तों कभी कभी हम अच्छा मौका छोड़ देते हैं, लेकिन जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा मिले तो छोड़ना मत;
लड़की की लो, या औरत की लो;
जवान की लो, या बूढ़ी की लो;
जहाँ भी जिसकी मिले, बस ले लो;
क्योंकि
पता नहीं कब किसकी, "दुआ काम आ जाये।"

जैसे फूली हुई रोटी कच्ची नहीं होती;
वैसे ही ब्रा पहनी हुई लड़की कभी बच्ची नहीं होती;
और
जैसे मगर मच्छ के आंसू कभी सच्चे नहीं होते;
वैसे मुंह में लंड देने से बच्चे नहीं होते!

शादी के बहुत साल बाद पता चला क़ि पति बाप बन ही नहीं सकता था।
पत्नी गुस्से में, 'क्यों जी, आप ने और आपके घरवालों ने इतनी बड़ी बात क्यों छुपाई?'
पति: अब जाने दो बातें न बढ़ाओ, जी मैंने कभी तुमसे पूछा कि पप्पू और पिंकी कैसे पैदा हो गए।

देख तेरे लंड की हालत क्या हो गई है इंसान;
उसमें बची नहीं है अब कोई जान;
बूब्स दिखाये, चूत दिखाई और दिखाई गांड;
फिर भी उठा नहीं शैतान;
कितना लटक गया हैवान!

पत्नी: हर हफ्ते तुम मछली पकड़ने के लिए जाते हो ना?
पति: हाँ हाँ... तो ?
पत्नी: आज वो मछली आई थी और कह रही थी कि वो माँ बनने वाली है।

सेक्स के बाद मुख्तालिफ़ प्रतिक्रिया:
वेश्या: पैसा निकाल।
गर्लफ्रेंड: मज़ा आ गया।
पड़ोसन: फिर कब आओगे?
बीवी: 6, 7 दिनों तक तुम्हारी आवाज नहीं आनी चाहिए।

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