सच्चा कार्य अहंकार और स्वार्थ को छोड़े बिना नहीं होता।
जब आपका दुश्मन गलती कर रहा हो तो उसे बीच में टोको मत।
अगर आप सभी नियमों का पालन करेंगे तो आप असल मजे से वांछित रह जायेंगे।
किसी मूर्ख से कभी बहस मत करो, क्योंकि देखने वाले अंतर बताने में सक्षम नहीं हो सकते।
संभव की सीमाओं को जानने का एक ही तरीका है, उनसे थोड़ा आगे असंभव के दायरे में निकल जाइए।
सिद्धांतों के लिए जीने के बजाय उनके लिए लड़ना आसान है।
हारने वाले हमेशा असफलता के डर के बारे में सोचते है, जबकि जीतने वाले हमेशा सफलता के पुरुस्कार के बारे में सोचते है।
एक संगठन की ताकत ही उसके लीडर की ताकत होती है।
सभी के साथ विनम्र रहे , पर कुछ ही के साथ अन्तरंग हों , और इन कुछ को अपना विश्वास देने से पहले अच्छी तरह परख लें।
प्राप्त हुए धन का उपयोग करने में दो भूलें हुआ करती हैं, जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए। अपात्र को धन देना और सुपात्र को धन न देना।



