मचुर शायरी



sms

मत मिलाया कर तू उनसे ऐ खुदा;
जिनकी तू दिला नहीं सकता!

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उससे कह दो कि रोक ले अपनी यादों को;
बहन की लौड़ी नए कच्छे का नास करवाएगी!

हम न चोद सके उन्हें, मुद्दतो तक चाहने के बाद,
वो गैरो से चुद गये, चंद रस्में निभाने के बाद।

अर्ज़ किया है:
जिस दिन उनसे दिल लगा बैठे;
तनहा में सुकून कि माँ चुदा बैठे।
वो तो सो गयी, किसी और के बिस्तर पे;
और हम अपनी ही झांटो में आग लगा बैठे।

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अर्ज़ किया है:
उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो;
उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो;
वाह! वाह!
पैंटी ना पहनो कोई बात नहीं, कम से कम बगीचा तो साफ़ रखो।

मेरे इश्क का जूनून देख ए हसीना गिले शिकवों में ना वक्त बर्बाद कर;
क्योंकि ऐसी गांड मराई के लिए तो अभी सारी ज़िन्दगी बाकि है!

शिकवा न कर, गिला न कर;
बस इतनी सी गुजारिश है;
जब भी मैं तेरे में डालूं;
बस तू हिला न कर।

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